खास बातें
- नशे के सामान और सोने−चांदी के साथ अब मोबाइल फोन के मेमोरी कार्ड की तस्करी भी धड़ल्ले से हो रही है। पुलिस के लिए ये एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इन्हें डिटेक्ट कर पाना बेहद मुश्किल है।
नई दिल्ली: नशे के सामान और सोने−चांदी के साथ अब मोबाइल फोन के मेमोरी कार्ड की तस्करी भी धड़ल्ले से हो रही है। पुलिस के लिए ये एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इन्हें डिटेक्ट कर पाना बेहद मुश्किल है। दिल्ली में तो मोबाइल का एक कारोबारी ही मेमोरी कार्ड्स का बड़ा तस्कर निकला।
शक के आधार पर जब कस्टम अधिकारियों ने कारोबारी अमृतपाल की तलाशी ली तो एक नहीं दो नहीं पूरे 75 हज़ार मेमोरी कार्ड इस तरह की जैकेट में छिपे मिले। इनकी कीमत तकरीबन एक करोड़ 30 लाख रुपये है। पूछताछ में ये भी पता चला कि पहले भी वह इस तरह की जैकेट में कई बार हॉंगकांग से मेमोरी कार्ड ला चुका है।
अमृतपाल हॉन्कॉन्ग से 50 से 200 रुपये में ये मेमोरी कार्ड लाता है और गफ्फार मार्केट समेत दूसरे बाज़ारों में 300 से 600 रुपये में बेच देता है।
दो महीने पहले भी करीब 70 लाख रुपये के मेमोरी कार्ड की बरामदगी हो चुकी है।
कस्टम डिपार्टमेंट के सामने बड़ी दिक्कत यह है कि मेमोरी कार्ड न तो स्कैनर से पकड़ में आ सकता है और न ही मेटल डिटेक्टर से। इसी वजह से इसकी तस्करी हाल के दिनों में बढ़ी है।