यह ख़बर 30 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से अधिक की तेजी

खास बातें

  • देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह ढाई फीसदी से अधिक तेजी दर्ज की गई।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह ढाई फीसदी से अधिक तेजी दर्ज की गई।

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 457.47 अंकों या 2.70 फीसदी तेजी के साथ 17,429.98 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 16,972.51 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 132.85 अंकों या 2.58 फीसदी तेजी के साथ 5,278.90 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,146.05 पर बंद हुआ था।

आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 2.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 143.51 अंकों की तेजी के साथ 6,153.72 पर और स्मॉलकैप 136.25 अंकों की तेजी के साथ 6,543.75 पर बंद हुआ।

बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। बिजली (4.96 फीसदी), धातु (4.26 फीसदी), बैंकिंग (3.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.95 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (2.60 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स और निफ्टी पिछले सप्ताह लगभग 0.13 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए थे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 18 जून को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति की घोषणा में दरों को अपरिवर्तित रखे जाने के कारण पिछले सप्ताह बाजार से उत्साह गायब रहा और देश के शेयर बाजारों में मामूली तेजी का रुख रहा था। उससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था।

शेयर बाजारों पर इस सप्ताह अन्य कई बातों का सकारात्मक असर देखा गया।

देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा में जान फूंकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को सरकारी और कारपोरेट बांड्स में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ा दी तथा कई अन्य उपायों की घोषणा की। सरकारी बांड्स में विदेशी निवेश की सीमा पांच अरब डॉलर बढ़ाकर 20 अरब डॉलर की गई और विदेशी वाणिज्यिक ऋण की सीमा बढ़ाकर 10 अरब डॉलर की गई।

रिजर्व बैंक ने कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए अनिवासी निवेशकों का आकार बढ़ाने के लिए सॉवरेन वेल्थ फंड, मल्टीलैटरल एजेंसी, एंडोमेंट फंड, इंश्योरेंस फंड, पेंशन फंड और विदेशी केंद्रीय बैंकों जैसे लम्बी अवधि निवेशकों को भी सेबी में पंजीकृत होने की अनुमति देने का फैसला किया गया।

सोमवार को ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि उसने भारत की बीएए3 रेटिंग पर स्थिर परिदृश्य को बरकरार रखा है।

एजेंसी ने कहा कि कम आर्थिक विकास दर, उच्च महंगाई और अनिश्चित निवेश नीति पुरानी समस्या है और रेटिंग में पहले ही इस पर ध्यान दिया जा चुका है।

बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था में फिर से जान डालने की जरूरत बताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में आशा का संचार करने वाले कदम उठाएं।

प्रधानमंत्री ने बुधवार को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सम्भालने के बाद देश के शीर्षस्थ नीति निर्माताओं की बैठक बुलाई। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, "निराशा का माहौल बदलिए... देश की अर्थव्यवस्था में फिर से जीवन का संचार कीजिए।"

उल्लेखनीय है कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के त्यागपत्र देने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने वित्त मंत्रालय का प्रभार सम्भाल लिया है।

शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सामान्य कर परिवर्जन नियम (गार) का मसौदा दिशा-निर्देश जारी कर दिया और विभिन्न पक्षों से इस पर उनकी राय आमंत्रित की। सरकार ने साथ ही कहा कि विभिन्न पक्षों की राय मिलने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस पर फैसला लेंगे।

प्रणब मुखर्जी ने मार्च में पेश किए गए 2012-13 के आम बजट में गार का प्रस्ताव रखा था। हालांकि कारोबारियों तथा विदेशी निवेशकों की ओर से व्यापक विरोध किए जाने के बाद इसे लागू करने से टाल दिया गया था।

शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने कहा कि सरकार बढ़ते वित्तीय घाटे को कम करने के लिए जल्द ही ईंधन और रासायनिक खादों पर रियायत घटा सकती है।

रंगराजन ने कहा, "रियायत बढ़ रही है। खाद्य रियायत जैसी कुछ रियायतों में कटौती नहीं की जा सकती है, लेकिन ईंधन और रासायनिक खादों में कुछ सम्भावना है।" माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के अगले फेरबदल में रंगराजन वित्त मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसके सितम्बर में होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि काफी अधिक वित्तीय घाटे के कारण सरकार के लिए उद्योग जगत को राहत दे पाना कठिन होगा। लेकिन कुछ खास कारोबारी क्षेत्रों में 'कुछ खास राहत' दी जा सकती है।

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शुक्रवार को सेंसेक्स 439.22 अंकों या 2.59 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ था।