खास बातें
- वैश्विक बाजारों में गिरावट के रुख तथा अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता के बीच बंबई शेयर बाजार में बीते सप्ताह भी गिरावट का रुख रहा।
मुंबई: वैश्विक बाजारों में गिरावट के रुख तथा अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता के बीच बंबई शेयर बाजार में बीते सप्ताह भी गिरावट का रुख रहा और सेंसेक्स कुल मिलाकर 698 अंक लुढ़ककर 15 माह के निचले स्तर 16,141.67 अंक पर आ गया। यह लगातार चौथा सप्ताह है जब सेंसेक्स में हानि दर्ज हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मंदी की आशंका के बीच किसी तरह के सकारात्मक संकेत नहीं होने की वजह से इस सप्ताह भी शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट की एक और प्रमुख वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी है। बीते सप्ताह एफआईआई ने कुल 2,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह अगस्त में एफआईआई अभी तक 7,600 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। यूरोपीय ऋण संकट गहराने तथा गत बृहस्पतिवार को आए अमेरिका के आर्थिक आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि दुनिया एक बार फिर मंदी की ओर अग्रसर है। इससे वैश्विक स्तर पर बाजार धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अभी यही रुख रहेगा और किसी तरह के सकारात्मक संकेतक तथा यूरोपीय अर्थव्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति की वजह से सेंसेक्स और नीचे आ सकता है। जियोजित बीएनपी परिबा के अनुसंधान प्रमुख एलेक्स मैथ्यूज ने कहा, हम इस समय बियर बाजार में हैं। इस सप्ताह भारी बिकवाली दबाव में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में बाजार का रुख बहुत हद तक वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा। आईआईएफएल के रिटेल ब्रोकिंग प्रमुख प्रशांत प्रभाकरन ने कहा, बाजार में अगले कुछ दिनों तक भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, खासकर भारतीय रिजर्व बैंक की 16 सितंबर को पेश होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा तक। फिलहाल बाजार में ऐसे कोई सकारात्मक कारण नहीं हैं, जो इसे ऊंचाई की ओर ले जा सकें।