खास बातें
- गत सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुझान रहने के बावजूद विदेशी निवेशकों ने कुल 1,250 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की।
मुम्बई: गत सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुझान रहने के बावजूद विदेशी निवेशकों ने कुल 1,250 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मुख्य दरों में 50 आधार अंकों की वृद्धि करने के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, इसके बावजूद विदेशी निवेशकों ने 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह खरीदारी की। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक आलोच्य सप्ताह में 525.10 अंकों की गिरावट के साथ 18,197.20 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस अवधि में 152 अंकों की गिरावट के साथ 5,482 पर बंद हुआ। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई के पूरे महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख खरीददारी का रहा, जिन्होंने इस माह 1.8 अरब डॉलर की खरीददारी की। विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने घरेलू निवेशकों की तर्ज पर इसलिए बिकवाली नहीं की, क्योंकि उनके पास वैश्विक बाजार में कोई बेहतर विकल्प नहीं था। एंजल ब्रोकिंग ने एक टिप्पणी में कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के सामने आने के बाद ही विदेशी निवेशक खरीदारी या बिकवाली को लेकर कोई रुझान अख्तियार कर सकते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस वर्ष जुलाई तक शेयर बाजार में कुल लगभग 2.43 अरब डॉलर का निवेश किया है। वर्ष 2010 में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में 28.83 अरब डॉलर का निवेश किया था।