समाज कल्याम से जुड़े कार्यक्रमों में उचित आवंटन होने की उम्मीद है क्योंकि जिनके पास है और जिनके पास नहीं है के बीच में गहराई बढ़ी है. यह बात इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कही. उनका मानना है कि मुद्रास्फीति ने खर्च करने की शक्ति को कम कर दिया है और कर में राहत "उपभोग की मांग को बहुत जरूरी बल प्रदान कर सकती है."
2024 के चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का ये अंतिम पूर्ण बजट होगा जो कि बढ़ती ब्याज दरों और और धीमी वैश्विक वृद्धि के बीच आ रहा है, ऐसे परिस्थिति में ज्यादा लोकलुभावन बजट बनाने से वे परहेज कर सकते हैं. ब्लूमबर्ग सर्वेक्षण में अर्थशास्त्री राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.9% तक सीमित करते हुए देखते हैं. इससे पहले यह 6.4% था. माना जा रहा है कि यह अगला वर्ष भी रिकॉर्ड उधारी की आवश्यकता से भरा होगा.
एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में निवेशकों के लिए क्या रखा है, यह देखने के लिए बाजार सुबह 11 बजे बजट भाषण पर करीब से नजर रखेंगे.
बजट में देखने के लिए क्या होगा खास:
टैक्स में बदलाव संभव
"मध्यम वर्ग के दबावों" को जानने पर सीतारमण की हालिया टिप्पणियों ने अटकलों का बाजार गर्म किया है. माना जा रहा है कि वह करदाताओं की जेब में कुछ पैसा डाल देंगी. लेकिन मुफ्त की रेवड़ी नहीं होगी. इंद्रनील पान के नेतृत्व वाले यस बैंक के अर्थशास्त्रियों ने अगले साल कर प्राप्तियों में 15% की वृद्धि का अनुमान लगाते हुए कहा, "निचले आय वर्ग में दरों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की भरपाई ऊपरी आय वर्ग के लिए उपकर / अधिभार बढ़ाकर की जाएगी."
द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, वह घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट जेट, हेलिकॉप्टर, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक आइटम और ज्वैलरी जैसी चीजों पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती हैं.
सामाजिक क्षेत्र
भारत की बेरोजगारी दर पिछले महीने 16 महीने के उच्च स्तर 8.3% पर पहुंच गई, जो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी के लिए रोजगार पैदा करने की चुनौती को रेखांकित करती है. डीबीएस समूह की अर्थशास्त्री राधिका राव का मानना है कि इस साल के 730 अरब रुपये (9 अरब डॉलर) के आवंटन में ग्रामीण नौकरी की गारंटी पर खर्च सबसे ऊपर हो सकता है, साथ ही फसल बीमा, ग्रामीण सड़क बुनियादी ढांचे और कम लागत वाले आवास पर भी ध्यान दिया जा सकता है.
भारतीय स्टेट बैंक के अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने कहा कि बजट बुजुर्गों और बालिकाओं के लिए छोटी बचत योजनाओं के दायरे को बढ़ा सकता है.
उत्पादन
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन के विकल्प के रूप में भारत अपने आप को दर्शा रहा है ऐसे में देश में कारखाने स्थापित करने के इच्छुक निर्माता सरकार से अधिक वित्तीय लाभ की उम्मीद करते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, बजट में शिपिंग कंटेनर और खिलौनों जैसे क्षेत्रों के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा सकता है.
यस बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि विनिर्माण गतिविधियों और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों को ठीक किया जा सकता है.
कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए बजट में क्या संभव :
अचल संपत्ति, असूचीबद्ध शेयरों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर का विस्तार
तेल खुदरा विक्रेताओं को बाजार मूल्य से कम कीमत पर ईंधन बेचने पर मुआवजा
पिछले बजट में घोषित क्रिप्टोएसेट्स पर करों में कमी
अवैध शिपमेंट पर लगाम लगाने के लिए सोने पर आयात कर में 10% की कटौती करें
चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच रक्षा बजट में इजाफा
बैंकों के लिए उच्च पूंजी आवंटन, पूंजी जुटाने की अधिक स्वतंत्रता