यह ख़बर 10 नवंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

क्यों ने मिले जमानत, जब कानूनी अधिकार है : DMK

खास बातें

  • करूणानिधि ने गुरुवार को कहा कि अगर अदालतें कानूनी अधिकार प्रदान करने में हिचकती है तो यह देश में लोकतंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करेगा।
चेन्नई:

टूजी स्पेक्ट्रम मामले में अपनी पुत्री कनिमोई को लगातार जेल में बंद रखे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए द्रमुख प्रमुख एम करूणानिधि ने गुरुवार को कहा कि अगर अदालतें कानूनी अधिकार प्रदान करने में हिचकती है तो यह देश में लोकतंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करेगा। द्रमुक के मुखपत्र मुरासोली में अपने लेख में करुणानिधि ने कहा कि अगर भारतीय लोकतंत्र का एक स्तम्भ अदालत लोगों को कानूनी अधिकार प्रदान करने और कानून की बुनियादी बातों को संरक्षण प्रदान करने में हिचकती है तो लोगों के मन में एक सवाल उठेगा की भारतीय लोकतंत्र किस दिशा की ओर बढ़ रहा है और उसका भविष्य क्या है। दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से कनिमोई की जमानत याचिका पर सुनवाई एक दिसंबर तक के लिए टाले जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, हम बेहतर की उम्मीद करें।


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