खास बातें
- स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की ऋण साख घटाने और आर्थिक संकट गहराने का असर देश के इस सबसे बड़े नियोक्ता क्षेत्र की नौकरियों पर पड़ेगा।
नई दिल्ली: देश के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में नियुक्ति गतिविधियों में 25 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की ऋण साख घटाने और आर्थिक संकट गहराने का असर देश के इस सबसे बड़े नियोक्ता क्षेत्र की नौकरियों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी क्षेत्र में नियुक्ति गतिविधियों के फिर से रफ्तार पकड़ने में कम से कम 5 से 6 माह का समय लगेगा। माईहाइरिंगक्लब.काम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा, हम चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही से आईटी उद्योग में नियुक्तियों में 26 प्रतिशत की कमी की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। आईटी उद्योग की रफ्तार लौटने में से 5-6 माह का समय लगेगा। कुमार ने कहा, अमेरिका में आर्थिक संकट की वजह से भारतीय आईटी क्षेत्र में रोजगार बाजार प्रभावित होगा। इसकी मुख्य वजह भारतीय कंपनियों के अमेरिकी विभागों में लागत में कटौती होगा। निकट भविष्य में ऐसी भारतीय कंपनियां जिनके अमेरिका में कार्यालय हैं, उनमें श्रम बल का अधिशेष हो जाएगा। इसी तरह की राय जाहिर करते हुए इन्फो एज (इंडिया) के समूह अध्यक्ष (वित्त) और मुख्य वित्त अधिकारी अम्बरीष रघुवंशी ने कहा, आईटी क्षेत्र में नियुक्तियों में कमी आएगी।