खास बातें
- देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क कंपनी एनएमडीसी ने जनवरी-मार्च की तिमाही के लिए लौह अयस्क के दाम 5.22 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं।
New Delhi: देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क कंपनी एनएमडीसी ने जनवरी-मार्च की तिमाही के लिए लौह अयस्क के दाम 5.22 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। एनएमडीसी के इस कदम से घरेलू इस्पात कंपनियां-जेएसडब्ल्यू और टाटा स्टील को भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। एनएमडीसी के चेयरमैन राणा सोम ने कहा, हमारी कीमत निर्धारण समिति की हाल में हैदराबाद में बैठक हुई थी। समिति की सिफारिश के आधार पर हमने जनवरी-मार्च के लिए लौह अयस्क के दाम 5.22 प्रतिशत बढ़ाए हैं। सोम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लौह अयस्क की आपूर्ति घटने तथा मांग बढ़ने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। 2010 की पहली छमाही में एनएमडीसी ने कई बार लौह अयस्क के दाम बढ़ाए थे। उसके बाद अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में कंपनी ने लौह अयस्क के दाम पांच प्रतिशत तक घटाए थे। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल-जून की तिमाही में लौह अयस्क के दाम 90 प्रतिशत तक बढ़ाकर 120 से 135 डालर प्रति टन कर दिए थे। इसके बाद की तिमाही :जुलाई से सितंबर: में कंपनी ने दाम बढ़ाकर 145 डालर प्रति टन कर दिए थे। इस्पात उद्योग का कहना है कि लौह अयस्क के दाम बढ़ने से सभी कंपनियां प्रभावित होंगी। ऐसे में उन्हें अपने मुनाफे को बरकरार रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। जेएसडब्ल्यू के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं किया गया है। टाटा स्टील के अधिकारियों से इस बारे में संपर्क नहीं हो सका। इस मूल्यवृद्धि का असर देश की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक सेल पर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि वह अपनी जरूरतों को अपने खुद के भंडार से पूरा करती है। एनएमडीसी ने पिछले साल 2.4 करोड़ टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। इसमें से 30 लाख टन का कंपनी ने जापान और कोरिया की कंपनियों को निर्यात किया था।