खास बातें
- थोकमूल्य सूचकांक के आधार पर आंकी जाने वाली खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 9.41 फीसद पर थी।
New Delhi: खाद्य मुद्रास्फीति में एक अक्तूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान मामूली गिरावट दर्ज हुई लेकिन प्रमुख खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी के कारण यह अब भी 9.32 फीसद के उच्च स्तर पर है। थोकमूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर आंकी जाने वाली खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 9.41 फीसद पर थी। पिछले साल के समान सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 17.14 फीसद थी। खाद्य मुद्रास्फीति में कमी का श्रेय साप्ताहिक स्तर पर कुछ उत्पादों की कीमतों में कमी को जाता है हालांकि सालाना स्तर पर कीमतें ऊंची रहीं। इस गिरावट का श्रेय पिछले साल की समान अवधि में 17 फीसद की उच्च मुद्रास्फीति को जाता है जिसे आर्थिक जबान में उच्च बेस इफेक्ट कहते हैं। आज जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक साल दर साल आधार पर सब्जियों की कीमत 13.01 फीसद बढ़ी है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सालाना स्तर पर आलू की कीमतों में 3.79 फीसद का इजाफा हुआ है। इसके अतिरिक्त दूध 10.35 फीसद मंहगा हुआ और फल की कीमत 12.19 फीसद बढ़ी जबकि अंडे, मीड और मछली जैसी प्रोटीन आधारित चीजें सालाना स्तर पर 9.92 फीसद महंगी हुई। अनाज की कीमत सालाना स्तर पर 5.41 फीसद बढ़ी जबकि चावल 5.86 फीसद और दाल 6.87 फीसद महंगी हुई। हालांकि प्याज की कीमत सालाना स्तर पर 10.15 फीसद और गेहूं की कीमत 0.24 फीसद बढ़ी। एक अक्तूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान प्राथमिक उत्पादों की मुद्रास्फीति 10.60 फीसद रही जो पिछले सप्ताह के 10.84 फीसद के स्तर से कम है। थोकमूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में प्राथमिक उत्पादों को योगदान 20 फीसद है। समीक्षाधीन सप्ताह में गैर खाद्य उत्पादों की उत्पादों की मुद्रास्फीति 9.59 फीसद रही जबकि पिछले सप्ताह यह 10.77 फीसद थी। गैर खाद्य उत्पादों में फाईबर, तिलहन और खनिज जैसे उत्पाद शामिल हैं।