यह ख़बर 11 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

यूरोपीय संघ का एकपक्षीय कर अस्वीकार्य : भारत

खास बातें

  • भारत ने कहा कि यूरोप के देशों में उतरने वाले विमानों पर कार्बन कर लगाकर प्रत्येक वर्ष अरबों डॉलर एकत्र करने का यूरोपीय संघ का एकपक्षीय फैसला जलवायु परिवर्तन पर समझौता वार्ता तोड़ने वाला है।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि यूरोप के देशों में उतरने वाले विमानों पर कार्बन कर लगाकर प्रत्येक वर्ष अरबों डॉलर एकत्र करने का यूरोपीय संघ का एकपक्षीय फैसला जलवायु परिवर्तन पर समझौता वार्ता तोड़ने वाला है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जलवायु परिवर्तन के बहाने ऐसा एकपक्षीय कदम स्वीकार्य नहीं होगा।

नटराजन ने कहा, "उड्डयन से जलवायु पर होने वाले असर के सम्बंध में यूरोपीय संघ का यह फैसला पर्यावरण मंत्रालय के लिए समझौता तोड़ने वाला है। जलवायु परिवर्तन पर इस तरह का एकपक्षीय फैसला थोपा नहीं जा सकता।"

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उन्होंने कहा कि भारत ने यह मुद्दा कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाया है, लेकिन यूरोपीय संघ इस पर अड़ा है। यूरोपीय संघ का प्रस्ताव इसके क्षेत्र में उड़ान भरने वाली सभी विमानन कम्पनियों के लिए कार्बन उत्सर्जन के बराबर कार्बन क्रेडिट खरीदना अनिवार्य बनाता है। भारत ने अपनी राष्ट्रीय विमान कम्पनियों से कहा है कि वे यूरोपीय संघ को कार्बन उत्सर्जन की विस्तृत जानकारी न दें।