खास बातें
- ज्यादातर कंपनियों ने अमेरिका में एक और मंदी आने की आशंका जताई है, पर उनका मानना है कि इस संबंध में सटीक अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
नई दिल्ली: रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) द्वारा अमेरिका की रेटिंग घटाए जाने के बाद अमेरिका में ऋण संकट पर जहां देशभर में कंपनियों ने चिंता जताई है, भारतीय आईटी उद्योग दूसरी मंदी से लोहा लेने को तैयार है। ज्यादातर कंपनियों ने अमेरिका में और एक और मंदी आने की आशंका जताई है, पर उनका मानना है कि इस संबंध में सटीक अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक के गोपालकृष्णन का कहना है, अभी कहना जल्दबाजी होगी। अमेरिका में और एक संकट आने और यूरोप में ऋण संकट गहराने की आशंका है। 60 अरब डॉलर के भारतीय आईटी उद्योग की आय में अमेरिका का योगदान करीब 60 प्रतिशत है। अग्रणी उद्योग मंडलों- सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और फियो ने अमेरिका की स्थिति पर चिंता जताई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर्स आर्गनाइजेशन (फियो) के प्रमुख रामू देवड़ा ने कहा, रेटिंग घटाए जाने से डॉलर के मुकाबले रुपया और मजबूत होगा, जिससे हमारी प्रतिस्पर्धी क्षमता घटेगी।