खास बातें
- भ्रष्टाचार और नीतिगत अनिश्चितताओं की धारणा ने भारतीय कंपनियों की वित्तीय साख के लिए के लिए देश विदेश से जुड़ा जोखिम जोखिम बढ़ा है।
नई दिल्ली: भ्रष्टाचार और नीतिगत अनिश्चितताओं की धारणा ने भारतीय कंपनियों की वित्तीय साख के लिए के लिए देश विदेश से जुड़ा जोखिम जोखिम बढ़ा है।
स्टैंडर्ड एंड पुअर्स के मुताबिक भारत में पिछले दो साल से इस तरह का जोखिम बढ़ा है। भ्रष्टाचार और नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण कंपनियों को अपने नकदी प्रवाह के प्रबंधन, दीर्घकालिक रणनीति बनाने और निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने में मुश्किल हो रही है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत में सरकार नीतिगत मुद्दों के समाधान के लिए उद्योगों के साथ बातचीत में लगी है पर ‘अभी हमें कोई बड़ी उत्साहजनक कार्रवाई नहीं दिखाई नहीं दे रही है।’