यह ख़बर 17 सितंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अगले डेढ़ महीने में कई और कदम : चिदंबरम

खास बातें

  • वित्तमंत्री ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि अब से लेकर 30 अक्तूबर तक सरकार कई अतिरिक्त नीतिगत उपाय करेगी और साथ ही राजकोषीय मजबूती की योजना का खाका भी बनाएगी।
नई दिल्ली:

सरकार ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए वह अगले डेढ़ महीने में कई और कदम उठाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की घोषणा के बाद वित्तमंत्री ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि अब से लेकर 30 अक्तूबर तक सरकार कई अतिरिक्त नीतिगत उपाय करेगी और साथ ही राजकोषीय मजबूती की योजना का खाका भी बनाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि 30 अक्तूबर को रिजर्व बैंक का जवाब या प्रतिक्रिया वृद्धि को अधिक प्रोत्साहन देने वाली होगी। केंद्रीय बैंक 30 अक्तूबर को दूसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेगा।

रिजर्व बैंक की आज पेश मध्य तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.25 फीसदी कटौती की गई है। इससे बैंकों के पास कर्ज और अन्य जरूरतों के लिए 17,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी, हालांकि, रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दरों में बदलाव नहीं किया है।

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वित्तमंत्री ने कहा, सीआरआर में कटौती एक छोटा, लेकिन स्वागतयोग्य कदम है। मैं रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से निराश नहीं हूं। रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा प्रोत्साहन और समर्थन देने वाली है। रिजर्व बैंक और कदम उठाएगा। पिछले महीने वित्तमंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद चिदंबरम ने कहा था कि वह अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने तथा निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम उठाएंगे।