खास बातें
- वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि हालांकि खाद्य मुद्रास्फीति घटी है लेकिन देश अब भी मुश्किलों से बाहर नहीं आया है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि हालांकि खाद्य मुद्रास्फीति घटी है लेकिन देश अब भी मुश्किलों से बाहर नहीं आया है और भारतीय अर्थव्यवस्था उच्च वृद्धि दर पर लौटे उससे पहले मुद्रास्फीति का दबाव सहनीय एवं स्वीकार्य स्तर पर लाया जाना जरूरी है।
मुखर्जी ने कहा, ‘पिछले 20-22 महीनों में खाद्य मुद्रास्फीति असह्य रही है। खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी, 2010 तक 22 फीसदी तक पहुंच गई थी। दिसंबर से यह दबाव घटने लगा लेकिन मेरा कहना होगा कि हम पूरी तरह मुश्किलों से बाहर नहीं आए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुद्रास्फीति को सहनीय एवं स्वीकार्य स्तर पर लाया जाना जरूरी है। यह कठिन काम है लेकिन यह वित्त मंत्री और भारत सरकार की जिम्मेदारी है।’
मुखर्जी के अनुसार मुद्रास्फीति का उच्च दबाव देश की आर्थिक वृद्धि दर को प्रभावित कर रहा है और इस साल इसके सात फीसदी रहने की संभावना है।