खास बातें
- इक्विटी बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान आई भारी गिरावट के मद्देनजर भारत सबसे अधिक अमीरों वाले 12 देशों की सूची से बाहर हो गया है
नई दिल्ली: इक्विटी बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान आई भारी गिरावट के मद्देनजर भारत सबसे अधिक अमीरों वाले 12 देशों की सूची से बाहर हो गया है और इन अरबपतियों की निवेश योग्य संपत्ति पर असर हुआ है। कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजमेंट द्वारा तैयार सूची में अमेरिका, जापान और जर्मनी शीर्ष पर हैं।
इनके बाद चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील का स्थान है। 12वें स्थान पर भारत की जगह दक्षिण कोरिया ने ली है। भारत इस सूची में पहली बार 2010 में नजर आया था।
वैश्विक संपत्ति रपट में कहा गया कि शेयर बाजार में 2011 के दौरान भारी गिरावट के कारण भारत के अरबपतियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है और इन अमीरों द्वारा निवेश किए जाने योग्य राशि पर भी असर हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान 33.4 फीसदी की गिरावट हुई जबकि 2010 में 24.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह देश के अरबपतियों की तादाद में 18 फीसद की कमी आई। इस रपट में कहा गया कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण भारत इस स्थान से चूक गया।
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’