खास बातें
- अमित श्रीवास्तव ने कहा कि अल्कोहल के परंपरागत बाजार यूरोप में जहां गिरावट आई है, वहीं भारत में यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
New Delhi: लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ने तथा शराब के प्रति समाज का नजरिया बदलने से देश के अल्कोहल बाजार के 2014 तक 39 अरब डॉलर :1,75,950 करोड़ रुपये: के आंकड़े को पार कर जाने की उम्मीद है। अनुसंधान फर्म डाटामॉनिटर के अध्ययन में यह बात कही गई है। अध्ययन के अनुसार, यह क्षेत्र 2004 से 2009 के बीच सालाना 12 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। 2009 में इस उद्योग का कारोबार 21.7 अरब डालर :97,910 करोड़ रुपये: था। डाटामॉनिटर कंज्जूमर मार्केट के विश्लेषक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि वैश्विक कंपनियों के लिए भारत अल्कोहल का एक आकर्षक बाजार है। अल्कोहल के परंपरागत बाजार यूरोप में जहां गिरावट आई है, वहीं भारत में यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में अल्कोहल को लेकर अब स्वीकार्यता बढ़ रही है। साथ ही लोगों की खर्च करने की क्षमता में भी इजाफा हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र के तेजी से बढ़ने की संभावनाएं हैं।