यह ख़बर 20 अगस्त, 2012 को प्रकाशित हुई थी

टाटा निर्मित प्रथम एस-92 हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान

खास बातें

  • भारत निर्मित एयरफ्रेम वाले पहले सिकोरस्काई एस-92 हेलीकॉप्टर ने ब्राजील में उड़ान भरनी शुरू कर दी है। दो इंजन वाले इस विशाल हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सैन्य व असैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
लंदन:

भारत निर्मित एयरफ्रेम वाले पहले सिकोरस्काई एस-92 हेलीकॉप्टर ने ब्राजील में उड़ान भरनी शुरू कर दी है। दो इंजन वाले इस विशाल हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सैन्य व असैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

सिकोरस्काई के क्षेत्रीय कार्यकारी (भारत एवं दक्षिण एशिया), एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) अरविंद वालिया ने रक्षा पत्रिका 'इंडिया स्ट्रेटजिक' से कहा कि टाटा ने अमेरिकी कम्पनी को 15 एयरफ्रेम की आपूर्ति की है। अमेरिकी कम्पनी उसमें कॉकपिट्स, इंजन, सिस्टम्स एवं रोटर्स लगा रही है। इस तरह पूर्ण तैयार हेलीकॉप्टर वैश्विक उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने के लिए तैयार हो रहा है।

टाटा निर्मित पहले एस-92 केबिन पर उड़ान परीक्षण की प्रगति संतोषजनक है और हेलीकॉप्टर को अब ब्राजील के लिडर एवियाकाओ को आपूर्ति के लिए तैयार किया जा रहा है। लिडर, विमानों व हेलीकॉप्टरों को किराए पर देती है।

सिकोरस्काई और टाटा के बीच पहले से ही 26:74 की साझेदारी वाला एक संयुक्त उपक्रम है, जिसका नाम टीएआरए है। यह हैदराबाद स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) को आपूर्ति किए जाने वाले लगभग 4,300 कल-पुर्जों का विनिर्माण करता है। टीएएसएल केबिन बनाती है और उसमें इन कल-पुर्जों को संयोजित करती है तथा उसे पेंसिलवेनिया के कोट्सविले स्थित सिकोरस्काई की इकाई में भेज देती है।

वालिया ने कहा कि टीएएसएल फिलहाल एक महीने में दो एयरफ्रेम बना रही है, लेकिन मांग बढ़ने पर 2013 तक एक महीने में तीन एयरफ्रेम बनाएगी।

इंडिया स्ट्रेटजिक के साथ लंदन में बातचीत के दौरान सिकोरस्काई के दो शीर्ष कार्यकारियों ने कहा कि कम्पनी आने वाले वर्षो में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के आधार पर भारत को एक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करेगी।  

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कम्पनी के उपाध्यक्ष (रणनीतिक साझेदारी) स्टीव एस्टिल और उपाध्यक्ष (विश्वव्यापी बिक्री एवं विपणन) बॉब कोकोर्डा ने कहा कि जहां एस-92 शुरू में एक असैन्य हेलीकॉप्टर है, लेकिन सिकोरस्काई भारत में सैन्य हेलीकॉप्टरों के विनिर्माण पर भी विचार कर रही है।