यह ख़बर 25 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'ईएमआई नहीं, कर्ज भुगतान की अवधि बढ़ाओ'

खास बातें

  • बढ़ती ब्याज दरों से लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव से चिंतित सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कहा है कि वे ईएमआई नहीं, बल्कि कर्ज भुगतान की अवधि बढ़ाएं।
नई दिल्ली / मुंबई:

कर्ज की बढ़ती ब्याज दरों से उपभोक्ता पर पड़ने वाले प्रभाव से चिंतित सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों से कहा है कि वे मासिक किस्त (ईएमआई) नहीं, बल्कि ऋण भुगतान की अवधि बढ़ाएं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर कहा है कि वे ब्याज दरों में बढ़ोतरी के मद्देनजर ऋण भुगतान की अवधि बढ़ाएं। सूत्रों ने कहा कि इससे कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ नहीं बढ़ेगा और संभावित डिफॉल्ट की आशंका भी समाप्त होगी। देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक और विजया बैंक ने कहा है कि वे पहले से ही यह काम कर रहे हैं। इन बैंकों ने इस बात की पुष्टि की कि उन्हें वित्तमंत्रालय से कुछ दिन पहले इस बारे में पत्र मिला है। एसबीआई के उप प्रबंध निदेशक और मुख्य ऋण एवं जोखिम अधिकारी एपी वर्मा ने फिक्की-आईबीए सम्मेलन के मौके पर कहा, हम पहले से यह कर रहे हैं, वित्त मंत्रालय के पत्र से पहले से। यह संभावित डिफॉल्ट को रोकने का एक अच्छा उपाय है। विजया बैंक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एचएस उपेंद्र कामत ने भी कहा कि उनका बैंक पहले से यह कर रहा है। यानी ईएमआई बढ़ाने के बजाय उसने लोन की अवधि बढ़ाई है। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भास्कर सेन ने कहा कि वह भी मासिक किस्त के बजाय ऋण भुगतान की अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com