यह ख़बर 11 फ़रवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

दशक में पहली बार घट सकती है कारों की ब्रिकी

खास बातें

  • वाहन बनाने वाली कंपनियों के संगठन सियाम का कहना है कि व्यापक आर्थिक मोर्चे पर नरमी से मांग में गिरावट के चलते इस वित्तवर्ष कारों की ब्रिकी घटेगी। अगर ऐसा हुआ तो यह दशक भर में ऐसा पहला साल होगा।
नई दिल्ली:

वाहन बनाने वाली कंपनियों के संगठन सियाम का कहना है कि व्यापक आर्थिक मोर्चे पर नरमी से मांग में गिरावट के चलते इस वित्तवर्ष कारों की ब्रिकी घटेगी। अगर ऐसा हुआ तो यह दशक भर में ऐसा पहला साल होगा।

सोसायटी ऑफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्युफेक्चर्स (सियाम) का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि जबकि जनवरी महीने में ब्रिकी में 12945 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले साल नवंबर से ब्रिकी में लगातार तीसरे महीने गिरावट आई है।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी में कार ब्रिकी घटकर 1,73,420 इकाई रह गई जो जनवरी 2012 में 1,98,079 वाहन रही थी।

उद्योग जगत के खराब प्रदर्शन को देखते हुए सियाम ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन चाहता है कि सरकार आगामी बजट में उत्पाद शुल्कों में कमी करे तथा जवाहन लाल नेहरू शहरी पुनरोद्धार मिशन के तहत वाणिज्यिक वाहनों के लिए विशेष योजना की घोषणा की जाये।

सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने संवाददाताओं से कहा, 'कारों की जिस तरह से ब्रिकी अभी हो रही है, हम घरेलू यात्री कारों की बिक्री में 0-1 प्रतिशत वृद्धि के पूर्वानुमान को पूरा नहीं कर पाएंगे।' यह अनुमान पिछले महीने किया गया था।

उन्होंने कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष में गिरावट रहेगी।' सियाम ने जनवरी में मौजूदा वित्त वर्ष में कार ब्रिकी की ब्रिकी में सिर्फ 0-1 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगया। इससे पहले संगठन ने जुलाई 2012 में 9-11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था तथा अक्टूबर में उसे घटा कर 1-3 प्रतिशत कर दिया था।

सियाम ने पिछले साल अप्रैल में कहा था कि 2012-13 में कारों की ब्रिकी 10-12 प्रतिशत बढेगी। उल्लेखनीय है कि 2002-03 में कारों की घरेलू ब्रिकी 2.09 प्रतिशत घटी थी। इस बीच 2008-09 में वैश्विक मंदी के दौर में कारों की घरेलू ब्रिकी 1.39 प्रतिशत रही जो सबसे कम है।

माथुर ने कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में घरेलू यात्री कारों की ब्रिकी 1.8 प्रतिशत घटकर 15,56,283 वाहन रह गई। कुल मिलाकर आर्थिक हालात निराशाजनक है और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के बावजूद उपभोक्ताओं में नकारात्मक धारणा है।' उन्होंने कहा कि नए मॉडलों से भी बाजार को बल नहीं मिला।

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जनवरी में मारुति सुजूकी इंडिया की वाहन ब्रिकी 88,377 से बढ़कर 88,557 हो गई। हुंदै मोटर इंडिया की ब्रिकी 1.45 प्रतिशत बढ़कर 34,247 वाहन रही। वहीं टाटा मोटर्स की ब्रिकी 60.76 प्रतिशत घटकर 11,192 वाहन रही।