यह ख़बर 13 फ़रवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

संशोधित खाद्य सुरक्षा विधेयक बजट सत्र में पेश होगा

खास बातें

  • सरकार की कोशिश बजट सत्र के दौरान संसद में संशोधित खाद्य सुरक्षा विधेयक को प्रस्तुत करने की है ताकि इस पर विचार करके इसे पारित किया जा सके जिससे जल्द से जल्द लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।
नई दिल्ली:

सरकार की कोशिश बजट सत्र के दौरान संसद में संशोधित खाद्य सुरक्षा विधेयक को प्रस्तुत करने की है ताकि इस पर विचार करके इसे पारित किया जा सके जिससे जल्द से जल्द लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।

अधिकार आधारित तरीके से खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने वाले इस विधेयक को संसद की स्थायी समिति की संस्तुतियों के प्रकाश में अंतिम रुप दिया जा रहा है। इस विधेयक को अंतिम रुप दिए जाने से पूर्व राज्यों के साथ अंतिम दौर के परामर्श में उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पथ प्रदर्शक पहल में राज्यों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है उन्होंने लक्षित जन वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए उनसे आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने इस अधिनियम के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए सभी स्तरों पर समुचित भंडारण सुविधा की बात भी कही।

दिसंबर 2011 में लोक सभा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को प्रस्तुत किया गया था और इसके बाद संसद की स्थायी समिति द्वारा इस पर विचार किया गया। स्थायी समिति की संस्तुतियों के अनुसार विधेयक पर अंतिम परामर्श के लिए केन्द्र द्वारा राज्य के खाद्य मंत्रियों की बैठक बुलाई गई।

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मंत्री ने कहा कि लक्षित जन वितरण प्रणाली लागू करने में राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश हमारे साझेदार हैं और खाद्य सुरक्षित कानून लागू करने में उनकी भूमिका काफी अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक के परीक्षण के दौरान स्थायी समिति ने विभिन्न लोगों और संगठनों से विस्तृत चर्चा की ताकि अलग-अलग मतों से परिचित हुआ जा सके। समिति ने विभिन्न प्रकार की राय जानने के लिए राज्यों का दौरा भी किया। उन्होंने कहा कि समिति की संस्तुतियों में अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए इसे सरलीकृत करने पर बल दिया गया है। इसमें राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की विभिन्न चिंताओं पर भी गौर किया गया है। कुल मिलाकर समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया दृष्टिकोण व्यवहार्य, सरल और कार्यान्वयन में आसान है। किंतु फिर भी कुछ ऐसे पहलू है जिस पर अंतिम राय से पूर्व चर्चा करनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैसा कि खाद्य सचिव ने कहा कि स्थायी समिति ने बहुत सी संस्तुतियां दी है। इसमें से लक्षित जन वितरण प्रणाली, लाभार्थियों की पहचान, खाद्यान्न प्राप्त करने के अधिकारी और उसके लिए मूल्य का निर्धारण महत्वपूर्ण पहलू हैं जिस पर ध्यानपूर्वक विचार करना होगा।