यह ख़बर 07 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'वैश्विक मंदी के मद्देनजर लड़खड़ा सकता है निर्यात'

खास बातें

  • फिक्की ने कहा कि अमेरिका सहित विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आ रही गिरावट के मद्देनजर भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
नई दिल्ली:

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों के संघ (फिक्की) ने रविवार को कहा कि अमेरिका सहित विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आ रही गिरावट के मद्देनजर भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है। अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग में कमी दर्ज की गई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आई गिरावट से उत्पन्न होने वाली आर्थिक स्थितियों का जायजा लेने के लिए फिक्की द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में खुलासा किया गया है कि दुनियाभर में खपत की मांग में कमी आएगी। फिक्की से जारी एक बयान में कहा गया, "सर्वेक्षण में शामिल ज्यादातर लोगों का मानना है कि वर्तमान में निर्यात की जो उच्च दर कायम है वह आने वाले महीनों में कायम नहीं रहेगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था के उबरने को लेकर प्रबल आशंका बनी हुई है। माना जा रहा है कि यह खपत की मांग को कमजोर बनाएगी।" बयान के मुताबिक, "यूरोपीय देशों के कर्ज संकट, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमजोरी और चीन में आर्थिक गतिविधियों के उदारीणकरण से निर्यात की मांग पर असर पड़ सकता है और ये स्थितियां भारत के निर्यात पर असर डाल सकती हैं क्योंकि इन अर्थव्यवस्थाओं से भारत का व्यापार प्रमुखता से जुड़ा है।" ज्ञात हो कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में भारत के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है। जून के महीने में निर्यात 46 प्रतिशत बढ़कर 29 अरब डॉलर पर पहुंच गया। बयान में कहा गया कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का मंदी का शिकार होना भारत के लिए अच्छी बात नहीं है।


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