यह ख़बर 28 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

गेहूं, चावल निर्यात की अनुमति पर फैसला महीने भर में : खुल्लर

खास बातें

  • सरकार गेहूं तथा गैर बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के बारे में महीने भर में फैसला कर लेगी।
New Delhi:

सरकार गेहूं तथा गैर बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के बारे में महीने भर में फैसला कर लेगी। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने यह जानकारी दी। देश में 2010-11 में बंपर फसल के अनुमानों के बीच गेहूं तथा गैर बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने पर विचार के सवाल पर उन्होंने कहा, गेहूं की फसल अप्रैल में आएगी, चावल की फसल आ चुकी है, फैसला महीने भर में कर लिया जाएगा। सरकार ने गेहूं के निर्यात पर 2007 में प्रतिबंध लगाया था लेकिन गैर बासमती चावल के निर्यात को अप्रैल 2008 में प्रतिबंधित किया गया। सरकार ने यह कदम घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता बढाने के लिए किया। कृषि मंत्रालय ने 2010-11 में 8.2 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है और बुवाई तथा मौसमी हालात को देखते हुए उसे यह लक्ष्य आसानी से हासिल होने की उम्मीद है। गेंहू की बुवाई केवल रबी सीजन में होती है और इसकी फसल मार्च के अंत तक बाजार में आने लगेगी। भारत चावल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। जुलाई जून फसल वर्ष 2009-10 में उत्पादन 8.71 करोड़ टन रहा था।


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