खास बातें
- अबू धाबी की एतिसलात ने भारत में अपना परिचालन बंद करने का फैसला किया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द करने के फैसले से एतिसलात भी प्रभावित हुई है।
नई दिल्ली: अबू धाबी की एतिसलात ने भारत में अपना परिचालन बंद करने का फैसला किया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द करने के फैसले से एतिसलात भी प्रभावित हुई है।
कंपनी ने ईमेल से जारी बयान में कहा, ‘निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि एतिसलात डीबी परिचालन लागत घटाने के लिए कदम उठाएगी। इसमें उसकी सेवाओं और नेटवर्क को निलंबित करना शामिल है।’
कंपनी ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय ने जनवरी, 2008 में जारी सभी 122 यूएएस लाइसेंस रद्द करने का फैसला दिया है। अदालत के इस फैसले से एतिसलात डीबी 2 जून, 2012 से परिचालन नहीं कर पाएगी। शीर्ष अदालत का यह फैसला 2 फरवरी को आया था। उसके बाद से एतिसलात दूसरी विदेशी कंपनी है जिसने भारत में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। एतिसलात से पहले बहरीन टेलीकाम ने भारत में परिचालन बंद करने की घोषणा की थी।
एतिसलात ने कहा कि यह निर्णय सभी अंशधारकों के हितों के संरक्षण के मद्देनजर लिया गया है। साथ ही इस फैसले का उद्देश्य भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में अनिश्चितता के दौर में किसी तरह की लागत वृद्धि से बचना है।
एतिसलात के 15 सर्कलों में कुल 16.7 लाख ग्राहक हैं। इस बीच, अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इन्फ्राटेल ने एतिसलात द्वारा उसके टावरों के इस्तेमाल के लिए एतिसलात डीबी से 1,200 करोड़ रुपये की वसूली को दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट में याचिका दायर की है।