खास बातें
- डीजल की कीमत पिछले साल 25 जुलाई से नहीं बढ़ाई गई है और सरकारी तेल कंपनियां इस समय आयात मूल्य की तुलना में 10.33 रुपये प्रति लिटर के नुकसान पर इसे बेच रही हैं।
नई दिल्ली: 19 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के बाद डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर किए जाने की शर्त पर बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तय है, लेकिन इसके दाम कितने रुपये बढ़ेंगे यह नहीं बताया जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों पेट्रोल के दाम में 7.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी को लेकर सरकार को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद दो चरणों में इसके दाम में आंशिक कटौती की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मौजूदा कीमतों के आधार पर फिलहाल पेट्रोल की बिक्री में सरकार को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। लेकिन डीजल के दाम पर जारी सब्सिडी के चलते खजाने पर बोझ बरकरार है।
डीजल की कीमत पिछले साल 25 जुलाई से नहीं बढ़ाई गई है और सरकारी तेल कंपनियां इस समय आयात मूल्य की तुलना में 10.33 रुपये प्रति लिटर के नुकसान पर इसे बेच रही हैं।