यह ख़बर 07 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'शेयर बाजार में निवेश पर हो सकता है घाटा'

खास बातें

  • मुद्रास्फीति और चालू खाते में बढ़ते घाटे जैसी प्रतिकूल घरेलू परिस्थितियों के कारण इस साल शेयर बाजार में निवेश पर घाटा होने की आशंका है।
नई दिल्ली:

शेयर बाजारों से अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद के उलट एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति और चालू खाते में बढ़ते घाटे जैसी प्रतिकूल घरेलू परिस्थितियों के कारण इस साल शेयर बाजार में निवेश पर घाटा होने की आशंका है। ब्रोकरेज कंपनी आईआईएफएल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2011 में भारतीय इक्विटी से नकारात्मक रिटर्न मिलने की आशंका है। इसका कारण पूंजी निर्माण की गति का कम होना, ईंधन आयात के कारण चालू खाते का बढ़ रहा घाटा, मुद्रास्फीति दबाव के कारण नीतिगत दरों में वृद्धि की आशंका है। पिछले साल शेयर बाजार का प्रमुख सेंसेक्स ने 17 फीसद से अधिक का रिटर्न दिया और दिवाली के दिन यह रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ। बहरहाल, रिपोर्ट के मुताबिक चालू वर्ष में इक्विटी बाजार पर चालू खाते के घाटे का असर पड़ेगा जो फिलहाल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन फीसद है। चालू खाते का घाटा बढ़ने से विदेशी पूंजी प्रवाह कम होगा जिससे कई समष्टि आर्थिक तत्व प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा उर्जा आयात पर निर्भरता के साथ ईंधन कीमतों में वृद्धि भी घरेलू शेयर बाजारों के लिए चिंता का कारण होगा। पुन: मुद्रास्फीतिक दबाव के कारण रिजर्व बैंक दरों में वृद्धि के लिए कदम उठा सकता है।


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