खास बातें
- विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी ने कहा है कि सरकार बिना लीडर के काम कर रही है और अगर ऐसा ही रहा, तो देश सालों के लिए पिछड़ सकता है। वहीं, इंफोसिस के नारायणमूर्ति देश की छवि को हुए नुकसान से काफी दुखी हैं।
नई दिल्ली: देश के बिगड़े आर्थिक हालात से कॉरपोरेट इंडिया काफी नाराज दिखाई दे रही है। आर्थिक हालत पर चौतरफा हमले झेल रही केंद्र सरकार पर अब अजीम प्रेमजी और नारायणमूर्ति सरीखे लोगों ने भी हमला बोल दिया है।
विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों से सरकार बिना लीडर के काम कर रही है और अगर ऐसा ही चलता रहा, तो देश कई सालों के लिए पिछड़ सकता है।
वहीं, इंफोसिस के नारायणमूर्ति पिछले कुछ महीनों में देश की छवि को हुए जबरदस्त नुकसान से काफी दुखी हैं। यूपीए सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह कोई बड़े फैसले नहीं ले पा रही है, जिससे अथर्व्यवस्था की रफ्तार काफी सुस्त हो गई है।
अर्थव्यवस्थआ को लेकर पिछले दो दिनों से मायूस करने वाली खबरें आ रही हैं। सोमवार को एस एंड पी की चेतावनी के बाद मंगलवार को औद्योगिक उत्पादन दर के आंकड़े आए, जो अनुमान से काफी नीचे रहे। देश में अप्रैल महीने की औद्योगिक विकास दर सिर्फ 0.1 फीसदी रही, जो कि बाजार की उम्मीद से बेहद कम है। अप्रैल में उद्योग में विकास लगभग न के बराबर रहा है। ये कमजोर आंकडे ऐसे वक्त में आए हैं, जब रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने भारत को डाउनग्रेड करने की चेतावनी दी है।