खास बातें
- केयर्न एनर्जी ने अपनी भारतीय इकाई केयर्न इंडिया का बड़ा हिस्सा वेदांता रिसोर्सेज को बेचने के सौदे को सम्पन्न करने की समयावधि दूसरी बार बढ़ा दी है।
New Delhi: ब्रिटेन की पेट्रोलियम उत्खनन कंपनी केयर्न एनर्जी ने अपनी भारतीय इकाई केयर्न इंडिया का बड़ा हिस्सा वेदांता रिसोर्सेज को बेचने के सौदे को सम्पन्न करने की समयावधि दूसरी बार बढ़ा दी है। कंपनी ने इस सौदे के लिए भारत सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने में विलम्ब को देखते हुए यह निर्णय किया है। केयर्न ने पिछली बार चेतावनी दी थी कि अगर 9.6 अरब डॉलर के सौदे को दोनों कंपनियों के शेयरधारकों द्वारा तय समयसीमा के भीतर सम्पन्न नहीं किया गया, तो करार खत्म हो सकता है। कंपनी ने इसे सम्पन्न करने के लिए फिलहाल नई तरीख की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। केयन-वेदांता सौदे की घोषणा पिछले साल 16 अगस्त को की गई थी और इसे इस वर्ष 15 अप्रैल तक निपटा दिया जाना था। बाद में इसकी अवधि 20 मई कर दी गई। नई समय खत्म होने से एक दिन पहले दोनों कंपनियों में समयसीमा और बढाने पर सहमति हुई है। केयर्न ने एक बयान में कहा, केयर्न को सूचित किया गया है कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की 6 अप्रैल को हुई बैठक में केयर्न-वेदांता सौदे का मामला मंत्रिसमूह के पास भेज दिया गया है। मंत्रिसमूह की बैठक अभी तक नहीं हुई है। कंपनी ने कहा है कि दोनों पक्ष इस सौदा के लिए भारत सरकार से आवश्यक मंजूरियां हासिल करने के और इसे सम्पन्न करने की समयसीमा बढाने पर सहमत हो गए हैं। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह की बैठक 27 मई को प्रस्तावित है, लेकिन यह साफ नहीं है कि समूह एक ही बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी देगा या कई बैठकों में। इसके बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए फिर आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी के पास भेजा जाएगा। मंत्रियों के समूह में पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी, विधि मंत्री वीरप्पा मोइली, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल शामिल हैं।