खास बातें
- बिल्डरों ने चेतावनी दी है कि दोषपूर्ण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के चलते भविष्य में भी इसी तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
New Delhi: बिल्डरों ने मौजूदा संकट के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरणों को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी कि दोषपूर्ण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के चलते भविष्य में भी इसी तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। रीयल एस्टेट कंपनियों के शीर्ष निकाय क्रेडाई ने कहा कि आपात उपबंध के इस्तेमाल की वजह से यह समस्या पैदा हो रही है। इस उपबंध से प्राधिकरण राष्ट्रीय हितों के लिए बलपूर्वक भूमि का अधिग्रहण कर रहे हैं। क्रेडाई ने कहा कि इसके अलावा, इन दो क्षेत्रों के विकास प्राधिकरण अधिग्रहीत की गई भूमि के इस्तेमाल का उद्देश्य भी औद्योगिक से आवास और आवास से औद्योगिक में बदल रहे हैं। क्रेडाई के अध्यक्ष (एनसीआर) पंकज बजाज ने बताया कि इस तरह के बदलावों की वजह से अन्य इलाकों के कई किसान अदालत जा रहे हैं, जिससे खरीदारों का हौसला पस्त हो रहा है और वे अपनी परिसंपत्तियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस क्षेत्र के अन्य गांवों के किसानों ने अधिक मुआवजे की मांग करते हुए न्यायालय में याचिका दायर की है।