खास बातें
- उड़ानों में सीट भरने के मामले में इस समय देश में सस्ती दर पर सेवाएं देने वाली बजट एयरलाइनें सामान्य विमानन कंपनियों से आगे चल रही हैं।
New Delhi: उड़ानों में सीट भरने के मामले में इस समय देश में सस्ती दर पर सेवाएं देने वाली तथाकथित बजट एयरलाइनें सामान्य विमानन कंपनियों से आगे चल रही हैं। नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर, 2010 में सीट भरने में इंडिगो सबसे आगे रही और उसकी उड़ानों में आसतन 93.3 प्रतिशत सीटें भरी रहीं। इसी दौरान, औसतन 87 प्रतिशत सीट बुकिंग करके गोएयर दूसरे और स्पाइसजेट (87.8 प्रतिशत सीट बुकिंग) तीसरे पायदान पर रहीं। जेट एयरवेज का नाम चौथे स्थान पर रहा। इसकी उड़ानें 84.8 प्रतिशत भरकर चलीं। दिसंबर, 2010 में नियमित सेवा देने वाली विमानन कंपनियों के विमानों से 52.13 लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस दौरान जेट एयरवेज और जेट लाइट ने मिलकर सबसे अधिक 13.23 लाख यात्रियों को विमान यात्रा कराई, जबकि किंगफिशर के विमानों से 9.72 लाख यात्रियों ने विमान यात्रा की। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया के विमानों से 8.90 लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस अवधि में 9.71 लाख लोगों ने इंडिगो, 7.21 लाख लोगों ने स्पाइसजेट और 3.36 लाख लोगों ने गोएयर की सेवाएं ली। इस तरह से समीक्षाधीन माह में बाजार हिस्सेदारी में जेट एयरवेज 25.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अव्वल रही, जिसमें जेट लाइट की बाजार हिस्सेदारी 7.7 प्रतिशत रही। वहीं किंगफिशर की 18.6 प्रतिशत, इंडिगो की 18.6 प्रतिशत, एयर इंडिया की 17.1 प्रतिशत, स्पाइसजेट की 13.8 प्रतिशत और गोएयर की 6.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रही।