यह ख़बर 28 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारतीय बाजार को लेकर विदेशी ब्रोकरेज फर्में निराश

खास बातें

  • एक रपट के अनुसार शेयर दलाली का काम करने वाली विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने सेंसेक्स संबंधी अपने अनुमानों को 15 प्रतिशत घटा दिया है।
New Delhi:

भारतीय शेयर बाजार की उम्मीदों पर पानी फेरने वाली एक रपट के अनुसार शेयर दलाली का काम करने वाली विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने सेंसेक्स संबंधी अपने अनुमानों को 15 प्रतिशत घटा दिया है। जहां सीएलएसए और मार्गन स्टैनले जैसी वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने सेंसेक्स के लिए साल के अंत का लक्ष्य घटा दिया है, वहीं निवेश बैंकिंग क्षेत्र की दिग्गज क्रेडिट सुइस ने चिंता जाहिर की है। सीएलएसए ने सेंसेक्स के लिए साल के अंत तक का लक्ष्य 19,500 से घटाकर 18,200 कर दिया है, जबकि मार्गन स्टैनले ने वर्ष 2011 के लिए लक्ष्य 15 प्रतिशत तक घटाकर 18,850 कर दिया है, जो पहले 22,750 था। इस साल अभी तक सेंसेक्स 23 प्रतिशत तक टूट चुका है। यह नवंबर के 21,108. 64 अंक की तुलना में 25 प्रतिशत नीचे है। इस साल वैश्विक शेयर बाजारों में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इन फर्मों की अनुसंधान रपटों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला समय कठिनाइयों से भरा है और इन फर्मों का मानना है कि ऐसे समय में जब प्रोत्साहन पैकेज के बावजूद विकसित देशों की वृद्धि दर कछुए की चाल से बढ़ रही है, भारत पूरे परिदृश्य से अछूता नहीं रह सकता।


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