यह ख़बर 16 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

काले धन संबंधी अनुमान साक्ष्यों पर आधारित नहीं : स्विस दूतावास

खास बातें

  • स्विटजरलैंड ने गुरुवार को कहा कि उसके बैंकों में जमा भारतीयों के काले धन के बारे में जारी किए जा रहे अनुमान तथा आंकड़ों का कोई सुबूत नहीं है और इनकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
नई दिल्ली:


स्विटजरलैंड ने गुरुवार को कहा कि उसके बैंकों में जमा भारतीयों के काले धन के बारे में जारी किए जा रहे अनुमान तथा आंकड़ों का कोई सुबूत नहीं है और इनकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

स्विटजरलैंड की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्रमुख ने हाल के एक बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि स्विटजरलैंड के बैंकों में जमा सबसे अधिक कालाधान भारतीयों का है।

नई दिल्ली में स्विटजरलैंड के दूतावास ने गुरुवार को एक असामान्य कदम उठाते हुए इस बारे में एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है, हम स्विटजरलैंड तथा स्विस बैंकों के बारे में हाल ही में प्रकाशित अप्रमाणित मीडिया रपटों को देखते हुए स्पष्टीकरण देना चाहते हैं। इस बयान में सीबीआई प्रमुख की टिप्पणी का संदर्भ नहीं है लेकिन इसमें कहा गया है कि स्विटजरलैंड कर चोरों की ऐशगाह (टेक्स हेवन) नहीं है।

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बयान में कहा गया है, भारतीयों द्वारा स्विटजरलैंड के बैंकों में जमा धन की मात्रा को लेकर अनेक अटकलें हैं। इस तरह के अनुमान साक्ष्यों से परे हैं।उल्लेखनीय है कि सीबीआई के निदेशक एपी सिंह ने 13 फरवरी को इंटरपोल के एक कार्य्रकम में कहा था, एक अनुमान के अनुसार भारतीयों से जुड़ी लगभग 500 अरब डॉलर का अवैध धन विदेशी टेक्स हेवन में जमा है। स्विस बैंकों में सबसे बड़े जमाकर्ता भी भारतीय ही बताए जा रहे हैं। सिंह ने भी अपने बयान में स्पष्ट नहीं किया था कि यह अनुमान किस पर आधारित है। उल्लेखनीय है कि विदेशों विशेषकर स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा काले धन को लेकर अनेक तरह के अनुमान लगाये जाते रहे हैं।