खास बातें
- सरकार ने विशेषज्ञों का अध्ययन समूह गठित किया है, जो कालेधन की समस्या से निजात दिलाने और कर भुगतान बढ़ाने के उपायों पर गौर करेगा।
New Delhi: कालाधन जमा करने वालों के खिलाफ कारवाई करने की बढ़ती मांग के बीच सरकार ने विशेषज्ञों का अध्ययन समूह गठित किया है, जो कालेधन की समस्या से निजात दिलाने और कर भुगतान बढ़ाने के उपायों पर गौर करेगा और क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन करेगा। वित्तमंत्रालय ने कर भुगतान के मामले में स्वैच्छिक अनुपालन की संभावना तलाशने के लिए एक अध्ययन समूह का गठन किया है, जो कर चोरी करने वालों को अपने बेहिसाब कालेधन का खुलासा करने के लिए प्रोत्साहित करने के उपाय सुझाएगा। हाल ही में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने एक बयान में कहा था कि क्षमादान योजना के प्रस्ताव सहित काला धन के विभिन्न पहलुओं को देखने के लिए दो समूहों का गठन किया गया है। आयकर विभाग द्वारा पेश प्रस्ताव के मुताबिक, कारोबारी ढांचे में जटिलता, नए वित्तीय उत्पादों, बड़ी संख्या में करदाताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ोतरी कुछ ऐसे कारक हैंस जिनसे कर प्रशासन में अनुपालन बढ़ाया जा सकता है। प्रस्ताव में कहा गया है कि आयकर विभाग के लिए पारंपरिक तरीकों से इन कारकों का समाधान करना संभव नहीं होगा, क्योंकि पारंपरिक तरीकों में केवल जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई शामिल है। बयान में कहा गया है कि आयकर विभाग के समक्ष विभिन्न वर्गों के करदाताओं के लिए अनुपालन लागत निश्चित करने की चुनौती है। साथ ही स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के लिए अनुपालन लागत में कैसे कमी लाई जाए, यह भी एक चुनौती है। वित्तमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अध्ययन समूह प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ाने की रणनीति बनाएगा और बदलते कारोबारी परिदृश्य में कर चोरी रोकने के उपाय सुझाएगा, जिसमें कालेधन के सृजन पर रोक शामिल है।