यह ख़बर 05 मार्च, 2014 को प्रकाशित हुई थी

फंसे कर्ज सरकारी बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती : चिदंबरम

नई दिल्ली:

बैंकों के वसूल नहीं हो रहे कर्जे की बढ़ती राशि से चिंतित वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सरकारी बैंकों से ऐसे कर्ज की वसूली पर पूरा ध्यान देने को कहा। बैंकों का सबसे ज्यादा कर्ज बड़ी कंपनियों में फंसा है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ यहां एक बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यम श्रेणी के उद्योगों को बैंक कर्ज वितरण में कमी आई है, केवल कृषि क्षेत्र में ही कर्ज का वितरण संतोषजनक है। यह बैठक इन बैंकों के काम की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।

उन्होंने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती एनपीए (फंसे कर्ज) है। उन्होंने बताया कि बैठक में ज्यादातर चर्चा बैंकों के एनपीए और स्थिति सुधारने के लिए उनके द्वारा उठाये जा रहे कदमों पर केंद्रित रही।

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चिदंबरम ने कहा कि बैंकों से कहा गया है कि वह पुराने फंसे कर्ज की वसूली पर परा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बैंकों का ज्यादा एनपीए ‘बड़े उद्योगों और छोटे उद्योगों में है, हालांकि, जमीन जायदाद के व्यवसाय को दिए गए कर्ज को लेकर यह समस्या कम हुई है।