खास बातें
- कंपनी की स्थापना ओप्पनहाइमर परिवार ने एक दशक पहले की थी.
- अग्रवाल ने मार्च में कंपनी की 12.43 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी.
- अग्रवाल की योजना 1.25 अरब से 1.5 अरब पौंड खर्च करने की है.
नई दिल्ली: खनन उद्योग से जुड़े अरबपति अनिल अग्रवाल की ब्रिटेन की खनन कंपनी एंग्लो अमेरिकन पीएलसी में 1.5 अरब पौंड की अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने की योजना है. अग्रवाल के पारिवारिक न्यास वोल्कन इंवेस्टमेंट्स ने कहा कि उनकी योजना 21 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदकर ब्रिटेन की कंपनी का सबसे बड़ा हिस्सेदार बनना है.
अग्रवाल ने मार्च में कंपनी की 12.43 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी और करीब नौ प्रतिशत शेयरों की खरीद से यह उन्हें डी बीयर्स में परोक्ष उपस्थिति दिला देगा. डी बीयर्स विश्व की सबसे बड़ी हीरा उत्पादक कंपनी है और यह एंग्लो अमेरिकन की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है.
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इससे जुड़े सूत्रों ने बताया कि अग्रवाल एंग्लो अमेरिकन की पूरी हिस्सेदारी न खरीदकर सबसे बड़े हिस्सेदार बनने के इच्छुक हैं. अग्रवाल ने पिछले साल एंग्लो अमेरिकन का अपनी खनन कंपनी में विलय करने का असफल प्रयास किया था.
वोल्कन ने जारी बयान में कहा कि अग्रवाल की योजना 1.25 अरब से 1.5 अरब पौंड खर्च करने की है. मार्च में 12.43 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए उन्होंने दो अरब पौंड खर्च किये थे. वोल्कन ने कहा, ‘इस साल पहले एंग्लो अमेरिकन में किये गये निवेश के बाद उसके प्रदर्शन से हम प्रोत्साहित हुए हैं. कंपनी ने अपने परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन में अच्छी प्रगति की है और हमारे पारिवारिक न्यास के लिए आकर्षक निवेश बना रहा है.’ वेदांता रिसोर्सेज ने बयान जारी कर बताया कि प्रस्तावित निवेश अकेले वोल्कन कर रहा है और उसकी इसमें कोई भागीदारी नहीं है.
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उल्लेखनीय है कि एंग्लो अमेरिकन कंपनी की स्थापना ओप्पनहाइमर परिवार ने एक दशक पहले दक्षिण अफ्रीका में की थी. वह विश्व की शीर्ष पांच खनन कंपनियों में से एक है.