खास बातें
- केंद्रीय उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने रविवार को कहा कि सरकारी हवाई कम्पनी एयर इंडिया में थोड़े समय में बदलाव करना आसान कार्य नहीं होगा।
तिरुवनंतपुरम: केंद्रीय उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने रविवार को कहा कि सरकारी हवाई कम्पनी एयर इंडिया में थोड़े समय में बदलाव करना आसान कार्य नहीं होगा। उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सम्भालने के बाद पहली बार केरल पहुंचे रवि पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पद सम्भालने के बाद वह राष्ट्रीय हवाई कम्पनी की 'खोए हुए गौरव' को वापस लाने के लिए चर्चा में व्यस्त थे। उन्होंने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद स्थितियां जैसी होनी चाहिए थीं, वैसी नहीं हुईं।" रवि ने कहा, "स्थिति में बदलाव करने से पहले मैं सभी साझेदारों, चालक दल के सदस्यों, पायलट और वित्तीय विभागों से चर्चा करूंगा। एयर इंडिया को बेहतर हालत में लाने के लिए मैं आपको अभी कोई समय सीमा नहीं दे सकता।" उन्होंने एयर इंडिया की हालत में सुधार के लिए कुछ समय दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ मसले हैं जिन्हें दूर किया जाना है। उड्डयन मंत्री ने कहा, "एयर इंडिया के सामने कई समस्याएं हैं, इनमें से विमानों की कमी प्रमुख है। इसके अलावा मार्ग और निजी हवाई कम्पनियों के मुकाबले किराए के निर्धारण के मामले को देखा जाना है।" उन्होंने कहा, "उड्डयन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार उन्हें हतोत्साहित नहीं करेगी।" उल्लेखनीय है कि भारत की राष्ट्रीय विमानन कम्पनी एयर इंडिया को वर्ष 2009-10 में 5551 करोड़ रुपये और इसके पूर्व के वर्ष में 7189 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।