खास बातें
- हड़ताल के आठ दिन बीतने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए आंदोलनरत पायलटों से वार्ता की।
New Delhi: एयर इंडिया की घरेलू विमान सेवाओं को पंगु बना देने वाली हड़ताल के आठ दिन बीतने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए आंदोलनरत पायलटों से बुधवार को वार्ता की। सूत्रों ने कहा कि पायलटों से वार्ता के लिए संयुक्त सचिव प्रशांत शुकुल की अध्यक्षता में मंत्रालय का दो सदस्यीय दल गठित किया गया है। समझा जाता है कि पायलटों ने एयर इंडिया के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव से वार्ता करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने मंत्रालय और प्रबंधन द्वारा कल रात भेजे गए कुछ संदेशवाहकों को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। नागर विमानन मंत्री व्यालार रवि ने इससे पहले आज दिन में एयर इंडिया के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव, नागर विमानन सचिव नसीम जैदी और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में हालात का जायजा लिया। रवि ने मंगलवार को कहा था, सरकार इस मुद्दे को हल करना चाहती है, मुझे उम्मीद है कि पायलटों को सद्बुद्धि आएगी। इंडियन कमर्शियल पायलट्स ऐसोसिएशन (आईसीपीए) के एक नेता ने कहा, हमें उम्मीद है कि वार्ता के जरिये इस समस्या का हल निकाला जा सकता है। हम चाहते हैं कि सरकार आगे बढ़कर सामने आए ताकि हम किसी एक साझा हल पर पहुंच सकें। उन्होंने कहा, आईसीपीए ने प्रधानमंत्री को एक बार फिर पत्र लिखकर कहा है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और हमें उम्मीद है कि वह हमें जल्द बुलाएंगे। पायलटों की मांग है कि हड़ताल के दौरान जिन पायलटों के खिलाफ बख्रास्तगी, निलंबन या तबादले की कार्रवाई की गयी है, उसे वापस लिया जाए, आईसीपीए की मान्यता बहाल की जाए, एयर इंडिया प्रबंधन द्वारा अदालत की अवमानना की याचिका को वापस लिया जाए, कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन संबंधी मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया जाए और अन्य सभी मुद्दों के हल के लिए एक समय सीमा निर्धारित की जाए। एयर इंडिया ने सात पायलटों को बख्रास्त और छह अन्य को निलंबित कर दिया था तथा प्रबंधन ने आंदोलनरत पायलटों के अप्रैल माह के वेतन को अगले आदेश तक रोक देने का फैसला किया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हड़ताल समाप्त करने के आदेश का पालन नहीं करने के चलते आईसीपीए के नौ पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था।