यह ख़बर 29 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कुछ बैंकों के लिए 2,000 करोड़ मंजूर करेगी सरकार

खास बातें

  • सूत्रों ने बताया, हम कुछ सार्वजनिक बैंकों को 2,000 करोड़ मंजूर करने के हित में हैं लेकिन इस राशि का वितरण बाद की तारीख में होगा।
New Delhi:

सरकार पुन: पूंजीकरण की पहल के तहत कुछ सार्वजनिक बैंकों के लिए 2,000 करोड़ रुपये मंजूर करने वाली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, हम कुछ सार्वजनिक बैंकों को 2,000 करोड़ रुपये मंजूर करने के हित में हैं लेकिन इस राशि का वितरण बाद की तारीख में होगा। सूत्रों ने कहा कि वितरण के ढंग का फैसला बाद में किया जाएगा और यह पूंजी लगाने से बैंकों की टियर-वन पूंजी या इक्विटी पूंजी बढ़ेगी। इसके अलावा इन चयनित बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी भी बढ़ जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने बैंकों के पुन:पूंजीकरण की योजना के तहत सार्वजनिक बैंकों में 6,000 करोड़ रुपये लगाने की घोषणा इस साल के बजट में की थी। यह राशि इसी योजना के तहत लगाई जा रही है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बजट भाषण में कहा था, मैं 2011-12 के दौरान सार्वजनिक बैंकों को 6,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान करता हूं ताकि वे अपना न्यूनतम टियर वन सीआरएआर आठ प्रतिशत पर बनाए रखने में सक्षम हों। सरकार ने इसी मद में 2010-11 में सार्वजनिक बैंकों को 20,157 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके पहले चरण में सरकार ने पिछले साल जून में पांच बैंकों के लिए 6,211 करोड़ रुपये मंजूर किए। सरकार से धन पाने वाले इन बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक आफ महाराष्ट्र, आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक तथा सेंट्रल बैंक आफ इंडिया है। शेष 13,946 करोड़ रुपये की राशि मार्च 2011 तक इक्विटी के तरजीही आवंटन के जरिए किया गया। सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश बैंकों को बीते वित्त वर्ष भी सरकार से पूंजी समर्थन मिला था। इन बैंकों में पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूको बैंक तथा देना बैंक शामिल है। सभी सार्वजनिक बैंक अपनी पूंजी जरूरतों के बारे में सरकार को पहले ही सूचित कर चुके हैं। पंजाब एंड सिंध बैंक के कार्यकारी निदेशक पीके आनंद के अनुसार बैंक ने सरकार से 990 करोड़ रुपये की राशि मांगी है। इसी तरह कॉरपोरेशन बैंक ने भी सरकार से इस मद में 300 करोड़ रुपये मांगे हैं।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com