दुनियाभर के देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या अमेरिका भारत, चीन समेत दूसरे देशों से वसूले गए पैसे वापस करेगा. सु्प्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध तो बताया, लेकिन पिछले साल से अब तक इस टैरिफ के तहत वसूली गई राशि को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया है. यानी अमेरिका, दूसरे देशों से वसूले गए पैसे लौटाएगा या नहीं, ये अभी नहीं कहा जा सकता. काफी कुछ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीयत पर भी निर्भर करता है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पष्ट निर्देश नहीं!
जस्टिस ब्रेट कैवनॉ के मुताबिक, कोर्ट ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि सरकार को इंपोर्टर्स से इकट्ठा किए अरबों डॉलर वापस करने चाहिए या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने अरबों की रकम पर कोई निर्देश नहीं दिया है. माना जा रहा है कि इस सवाल को निचली अदालतों को सुलझाना होगा. कैवनॉ ने ये भी माना है कि रिफंड में गड़बड़ी की संभावना है.
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने भी टैरिफ लौटाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि जिन टैरिफ को अवैध करार दिया गया है, उनकी वसूली गई रकम तुरंत सभी अमेरिकियों को वापस लौटाई जानी चाहिए. गैविन ने कहा, 'सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों के साथ पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करे. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए.'
ट्रंप ने पैसे लौटाए जाने को लेकर क्या कहा?
टैरिफ से वसूले गए राजस्व की वापसी के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह मामला आने वाले वर्षों तक अदालतों में चल सकता है. उन्होंने कहा, 'हमने सैकड़ों अरब डॉलर वसूले हैं, सैकड़ों अरब. अब सवाल है कि उस पैसे का क्या होगा? इस मुद्दे पर फैसले में चर्चा तक नहीं है.' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह मामला अगले दो साल या शायद पांच साल तक अदालतों में चलता रहेगा.'
ट्रंप ने ये भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत लगाए गए सेक्शन 232 और सेक्शन 301 टैरिफ प्रभावी रहेंगे. उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ यथावत हैं. कई जांचें शुरू की जाएंगी और टैरिफ से सरकारी आय बढ़ेगी.
अमेरिका ने टैरिफ से कमाए 175 अबर डॉलर!
बीते साल 14 दिसंबर तक अमेरिका की फेडरल सरकार ने 3 लाख से ज्यादा अलग-अलग इंपोर्टर्स से टैरिफ को चुनौती देकर 134 अरब का रेवेन्यू हासिल किया. यह जानकारी यूनाइटेड स्टेट कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन डेटा और एजेंसी की ओर से US कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में जमा की गई फाइलिंग में दी गई थी. ये आंकड़े मिड दिसंबर 2025 तक के हैं. वहीं, ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने सवाल पूछने के दौरान करीब 175 अरब डॉलर के राजस्व का जिक्र किया. ट्रंप ने इस पर जवाब भी दिया. यानी मान जा रहा है कि ये राशि 175 बिलियन डॉलर के करीब है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे पूछा गया कि कोर्ट के फैसले के बाद करीब 175 बिलियन डॉलर के टैरिफ राजस्व का क्या होगा तो ट्रंप ने कहा कि फैसले में इस पर स्पष्टता नहीं है और ये मामला अगले कुछ वर्षों तक अदालतों में चल सकता है.
Source: The White House Press Conference, PTI, Bloomberg X
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