वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है. इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक बड़ा फैसला दोहराया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है. अनिल अग्रवाल ने कहा है कि वह अपनी कमाई का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा दान करेंगे. इसे वह समाजिक कामों में लगाएंगे और आगे की जिंदगी और भी सादगी से जिएंगे.
बेटे से किया था वादा
अनिल अग्रवाल ने अपने भावुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने यह वादा अपने बेटे अग्निवेश से किया था. उन्होंने कहा कि जो भी कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा. बेटे के जाने के बाद उन्होंने यह संकल्प और मजबूत किया है और कहा है कि अब उनकी बाकी जिंदगी इसी मकसद के लिए होगी.
बेटे के जाने से टूट गया परिवार
49 साल की उम्र में अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. एक पिता के लिए जवान बेटे को खोने से बड़ा दुख कुछ नहीं होता. अनिल अग्रवाल ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल पूरी तरह टूट चुके हैं, लेकिन वेदांता में काम करने वाला हर इंसान उन्हें अपने बच्चों जैसा लगता है.
अनिल अग्रवाल कौन हैं ?
अनिल अग्रवाल Vedanta Resources के फाउंडर और चेयरमैन हैं. उन्होंने साल 1976 में वेदांता ग्रुप की शुरुआत की थी. आज वेदांता मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर में काम करती है और भारत के साथ विदेशों में भी कंपनी की मजबूत मौजूदगी है. अनिल अग्रवाल को एक सेल्फ मेड बिजनेसमैन के रूप में जाना जाता है.
1954 में पटना, बिहार में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बहुत कम उम्र में अपने पिता के साथ कबाड़ के काम से शुरुआत की. 19 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे. पैसे कम थे, लेकिन हौसले मजबूत थे. कई बिजनेस में नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. यही संघर्ष आगे चलकर वेदांता ग्रुप बना.
अनिल अग्रवाल के परिवार में अब कौन कौन हैं?
अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन हर फैसले में उनके साथ खड़ी रहीं. बेटी प्रिया अग्रवाल अब परिवार और बिजनेस की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वह Hindustan Zinc की चेयरपर्सन हैं और ग्रुप के कई अहम काम देख रही हैं. अनिल अग्रवाल के भाई नवीन अग्रवाल भी ग्रुप के वाइस चेयरमैन हैं.
अग्निवेश भी बिजनेस में निभा रहे थे अहम रोल
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की कंपनी Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड में थे. उन्होंने Fujairah Gold जैसी कंपनी भी बनाई थी. इतने बड़े परिवार से होने के बावजूद वह सादा जीवन पसंद करते थे. उनका यूं जाना परिवार को गहरा सदमा दे गया है.
कितनी है अनिल अग्रवाल की संपत्ति?
Forbes के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ 4.2 अरब डॉलर है, जो भारतीय रुपये में लगभग 35,000 करोड़ रुपये के आसपास है. उन्होंने बेटे के निधन से पहले ही ऐलान कर दिया था कि इस दौलत का 75 फीसदी हिस्सा समाज को दिया जाएगा. हालांकि, बेटे के जाने के गम में डूबने के बाद उन्होंने इस बात को एक बार फिर जोर देते हुए दोहराया है.
बेटे के सपने को करेंगे पूरा
अनिल अग्रवाल ने लिखा कि उनका और उनके बेटे का सपना एक जैसा था. भारत को आत्मनिर्भर बनाना. कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चा पढ़े, महिलाएं मजबूत बनें और युवाओं को काम मिले. उन्होंने कहा कि बेटे के बिना जिंदगी अधूरी है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहेंगे.
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