- भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील से भारतीय शेयर बाजार में मजबूती आई और निफ्टी ने नए लेवल टच किए
- अमेरिकी बाजार में टैरिफ कटौती से ऑटो, फार्मा, जेम्स और ज्वेलरी कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है
- ट्रेड डील के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा भारत में लौट रहा है, जो लंबी अवधि में बाजार के लिए फायदेमंद होगा
US Trade Deal impact on Share Market, Gold-Silver: भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक अंतरिम ट्रेड डील के ऐलान ने भारतीय बाजारों की तस्वीर बदल दी है. जहां एक तरफ शेयर बाजार झटकों को पीछे छोड़कर नई ऊंचाइयों को छुआ है, वहीं दूसरी तरफ सेफ हेवन मानी जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में एक अलग हलचल देखने को मिल रही है. आइए समझते हैं कि इस डील का मार्केट के साथ सोना-चांदी की कीमतों पर क्या असर रह सकता है.
US Trade Deal impact on Share Markets
शेयर बाजार के लिए बूस्टर डोज
ट्रेड डील निवेशकों के लिए एक बूस्टर डोज साबित हुई. अमेरिका के भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से कम करके 18% करने के फैसले ने एक्सपोर्ट कंपनियों के लिए मुनाफे के नए दरवाजे खोल दिए हैं.
- आने वाले हफ्ते में ऑटो और फार्मा पर सभी की नजर रहने वाली है. अमेरिकी बाजार में जगह मिलने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा.
- इसके अलावा जेम्स एंड ज्वेलरी में टैरिफ कटौती से भारतीय हीरों और आभूषणों की मांग अमेरिका में तेजी से बढ़ेगी.
- डिफेंस और टेक सेक्टर में निवेश आने की खबर ने इनके शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है.
- एक्सपर्ट का मानना है कि इस डील से भारत में विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटा है, जो बाजार के लिए लंबी अवधि में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.
बाजार का हाल
ट्रेड डील होने की खबर के बाद पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने 24,679 के निचले स्तर से उबरकर 26,341 का हाई लेवल टच करते हुए 25,693 पर बंद हुआ था.
US Trade Deal impact on Gold-Silver
यूएस ट्रेड डील का सोना और चांदी पर असर
अब बात सोने-चांदी की. अक्सर देखा गया है कि जब शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था को लेकर पॉजिटिव खबरें आती हैं, तो सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ जाती है. चांदी की कीमतों में हाल ही में 5% से 11% की बड़ी गिरावट देखी गई है. इसके पीछे की वजह प्रॉफिट बुकिंग के साथ ट्रेड डील से भू-राजनीतिक तनाव में कमी और डॉलर की मजबूती को मान सकते हैं.
एक बड़ा कारण रुपया को लेकर हो सकता है. दरअसल ट्रेड डील के बाद रुपया प्रति डॉलर करीब 1.5 रुपये मजबूत हुआ है. रुपया मजबूत होने से सोने का आयात सस्ता हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें नीचे आ जाती हैं.














