US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, महंगाई और टैरिफ ने बढ़ाई जेरोम पॉवेल की टेंशन

US Fed Rate Decision: सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अगली बार दरें कम होंगी? इस पर जेरोम पॉवेल ने कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व हर मीटिंग में हालात को देखकर फैसला करेगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
US Fed Meeting 2026: पॉवेल ने केवल ब्याज दरों पर ही नहीं, बल्कि अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज और बजट घाटे पर भी चिंता जताई.
नई दिल्ली:

दुनिया भर के बाजारों की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' (US Fed) के फैसले पर टिकी थीं और अब वह बड़ा अपडेट आ गया है. अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों (Interest Rates) में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है.फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जनवरी 2026 की दो दिन की मीटिंग के बाद ऐलान किया है कि फिलहाल दरों को 3.50% से 3.75% के बीच ही रखा गया है. यह फैसला हाल ही में हुए 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद आया है. 

जेरोम पॉवेल ने साफ कहा कि महंगाई अभी पूरी तरह काबू में नहीं आई है और टैरिफ यानी आयात शुल्क की वजह से कीमतों पर दबाव बना हुआ है.पॉवेल ने कहा कि अभी पॉलिसी में स्थिरता रखना सही कदम है. 

नौकरी और बेरोजगारी का हाल

अमेरिकी इकॉनमी को लेकर पॉवेल ने मिला-जुला रुख दिखाया है. फेड चेयर ने बताया कि बेरोजगारी दर दिसंबर में 4.4 प्रतिशत रही और हाल के महीनों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि लोगों का खर्च करने का तरीका अभी भी मजबूत है और बिजनेस में निवेश भी बढ़ रहा है, लेकिन हाउसिंग सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर में घरों की बिक्री में थोड़ी कमजोर बनी हुई है.

लेकिन नई नौकरियों की रफ्तार धीमी हुई है.नौकरियों के मामले में दिसंबर में बेरोजगारी दर 4.4% रही है.  पॉवेल ने माना कि लेबर मार्केट में थोड़ी नरमी आई है.पिछले तीन महीनों में औसतन हर महीने 22 हजार नौकरियां घटी हैं. पॉवेल ने कहा कि  इमिग्रेशन में कमी और और वर्कफोर्स कम  होने से यह असर दिख रहा है.

महंगाई और टैरिफ ने बढ़ाई चिंता जेरोम 

पॉवेल ने इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह महंगाई और हाल ही में बढ़ाए गए 'टैरिफ' को बताया है. पॉवेल का कहना है कि हालांकि महंगाई 2022  के मुकाबले कम हुई है,  लेकिन अभी भी फेड के लक्ष्य से ऊपर है. दिसंबर तक कुल महंगाई करीब 2.9 प्रतिशत और कोर महंगाई 3 प्रतिशत रही. टैरिफ की वजह से सामान की कीमतें अभी भी बढ़ी हुई हैं. उन्होंने साफ किया कि जब विदेशों से आने वाले सामान पर टैक्स बढ़ता है, तो उसका सीधा असर चीजों के दाम पर पड़ता है. हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि यह असर धीरे धीरे खत्म होने की उम्मीद है. और आने वाले वक्त में कीमतें नीचे आएंगी.

क्या भविष्य में घटेंगी ब्याज दरें? 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अगली बार दरें कम होंगी? इस पर जेरोम पॉवेल ने कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व हर मीटिंग में हालात को देखकर फैसला करेगा. अगर महंगाई कम होती है और लेबर मार्केट और कमजोर होता है, तो भविष्य में कटौती के बारे में सोचा जा सकता है. फिलहाल, उन्होंने ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन यह भी कहा कि फिलहाल ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं है.

Advertisement

बजट घाटे पर भी दी चेतावनी ,फेड की आजादी पर जोर

पॉवेल ने केवल ब्याज दरों पर ही नहीं, बल्कि अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज और बजट घाटे पर भी चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका का घाटा एक ऐसे रास्ते पर है जिसे लंबे समय तक संभालना मुश्किल होगा. इसके साथ ही उन्होंने फेडरल रिजर्व की 'आजादी' का भी बचाव किया और कहा कि कहा कि लोगों का भरोसा बनाए रखना बहुत जरूरी है.बैंक को राजनीति से दूर रहना चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Ajit Pawar Plane Crash: आखिरी पलों में क्या हुआ? बताएगा Black Box! | Baramati Crash