किसानों के लिए खाद पर खुशखबरी, सरकार ने मंगाया 13 लाख टन यूरिया, फर्टिलाइजर पर भी बड़ा फैसला

मिडिल-ईस्ट में युद्ध के बीच सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है.पेट्रोलियम मंत्रालय ने यूरिया प्लांट्स को 75% नेचुरल गैस सप्लाई बहाल कर दी है. खरीफ सीजन 2026 के लिए 13.5 लाख टन यूरिया का आयात किया जा रहा है.जानें खाद सप्लाई पर सरकार का पूरा प्लान...

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Fertilizer Supply: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मई में शुरू होने वाले खरीफ सीजन के लिए देश में जरूरत के मुताबिक उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है.

मई से शुरू हो रहे खरीफ सीजन से पहले किसानों के लिए राहत भरी खबर है. मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने फर्टिलाइजर प्लांट्स में गैस की सप्लाई और खाद की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि यूरिया प्लांट्स को अब उनकी औसत खपत का 70-75% गैस मिलना शुरू हो गया है. साथ ही, खरीफ सीजन के लिए यूरिया और डीएपी (DAP) का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने समय से पहले ग्लोबल टेंडर और आयात की व्यवस्था भी कर ली है.

यूरिया प्लांट्स को गैस सप्लाई में सुधार

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय ने रविवार को महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि यूरिया प्लांट्स को नेचुरल गैस की सप्लाई अब उनकी पिछले 6 महीनों की औसत खपत का लगभग 70-75% तक पहुंच गई है. सप्लाई को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी कार्गो और रीगैसिफाइड एलएनजी (Regasified LNG) की भी व्यवस्था की जा रही है. मंत्रालय ने फर्टिलाइजर प्लांट्स सहित सभी औद्योगिक उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपनी जरूरत के बारे में गैस मार्केटिंग कंपनियों को जल्दी सूचित करें, ताकि सप्लाई सुनिश्चित की जा सके.

खरीफ सीजन 2026 के लिए खाद का पर्याप्त स्टॉक

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मई में शुरू होने वाले खरीफ सीजन के लिए देश में जरूरत के मुताबिक उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है. सरकार के आकलन के मुताबिक, अप्रैल में आमतौर पर डिमांड कम रहती है और मई से इसमें बढ़ोतरी होती है. यूरिया का प्रोडक्शन हर महीने सामान्य तौर पर 25 लाख टन होता है, जबकि इस साल मार्च में 17 लाख टन यूरिया उत्पादन का अनुमान है. गैस की कमी को देखते हुए कुछ प्लांट्स का एनुअल मेंटेनेंस समय से पहले किया गया ताकि मौजूद स्टॉक का बेहतर इस्तेमाल हो सके.

ग्लोबल टेंडर और आयात पर अपडेट 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट की संभावना को देखते हुए सरकार ने समय से पहले ही ग्लोबल टेंडर जारी कर दिया था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के मध्य तक 13.5 लाख टन यूरिया के आयात के लिए ऑर्डर जारी किए जा चुके थे, जिसका 90% हिस्सा मार्च के अंत तक भारत पहुंचने की उम्मीद है.

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केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय के मुताबिक, रूस और मोरक्को से सप्लाई सामान्य है, जबकि सऊदी अरब से भी 3 मिलियन टन डीएपी (DAP) खाद की सप्लाई बिना किसी बाधा के जारी है.

ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी नजर

देश के किसानों को सही दाम पर खाद मिले, इसके लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है. देश के 652 जिलों में उर्वरक की बिक्री की कड़ी निगरानी की जा रही है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि कहीं भी खाद की ब्लैक मार्केटिंग न हो, इसके लिए एक कारगर व्यवस्था बहाल की गई है ताकि खाद की उपलब्धता में कोई पारदर्शिता की कमी न रहे.
 

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