'सरकार के आर्थिक सुधारों का रिजल्ट आ रहा है', जीडीपी के शानदार आंकड़ों के बाद बोले संगठन

FIEO अध्यक्ष ने कहा कि, "विकास की यह तेज गति दर्शाती है कि भारत ना केवल वैश्विक चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर रहा है, बल्कि वैश्विक आर्थिक विस्तार के एक बडे़ ड्राइवर रूप में अपनी स्थिति बना रहा है.

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अमेरिका के टैरिफ बम के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने कमाल कर दिखाया है. गुरुवार को जारी हुए आंकड़ों में देश की ग्रोथ रेट 7.8% रही. नंबरों से साफ पता चल रहा है कि देश में विकास बुलेट ट्रेन की रफ्तार से हो रहा है. पिछले 5 तिमाही में इस बार जीडीपी की ग्रोथ सबसे ज्यादा रही है. इसी को देखते हुए, भारतीय एक्सपोर्टरों के सबसे बड़े संगठन - फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट ओर्गनइजेशन्स (FIEO) के अध्यक्ष सुभाष चंद्र रल्हन ने कहा है कि, "भारत की पहली तिमाही की मजबूत जीडीपी ग्रोथ वैश्विक टैरिफ उथल-पुथल के बीच लचीलेपन का प्रतीक है."

'घरेलू बाजार ने एक मजबूत सहारा दिया'

FIEO अध्यक्ष रल्हन ने एक बयान जारी कर कहा, "चालू वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो एक बार फिर भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाती है. ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और टैरिफ युद्धों से जूझ रहा है, भारत के जीवंत घरेलू बाजार ने एक मजबूत सहारा प्रदान किया है, जिससे उपभोग और निवेश में निरंतर गति सुनिश्चित हुई है."

'सुधारों का आ रहा है रिजल्ट'

FIEO के मुताबिक पहली तिमाही के GDP आंकड़े न केवल मजबूत घरेलू मांग बल्कि हाल के सालों में किए गए सुधारों जैसे - जीएसटी रेशनलाइजेशन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से लेकर डिजिटलीकरण तक के सफल नतीजों को दर्शाते हैं, जिनके अब ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. एक तरफ जहां निर्यातकों को प्रमुख बाजारों में टैरिफ संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए हाउसहोल्ड इंक्लूजन और डायवर्सिफिकेशन के बीच संतुलन बनाने की भारत को ताकत देती है.

FIEO अध्यक्ष ने कहा कि, "विकास की यह तेज गति दर्शाती है कि भारत ना केवल वैश्विक चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर रहा है, बल्कि वैश्विक आर्थिक विस्तार के एक बडे़ ड्राइवर रूप में अपनी स्थिति बना रहा है.

वहीं, उद्योग संघ कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के अध्यक्ष राजीव मेमनी ने कहा कि भारत की ग्रोथ स्टोरी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है.

'मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर लगातार गति पकड़ रहा है'

CII के मुताबिक आईटी, वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन के मजबूत योगदान के साथ सर्विस सेक्टर सबसे आगे है, जो भारत के बढ़ते डिजिटल और उपभोग आधार को दर्शाता है. नीतिगत पहलों, मजबूत घरेलू मांग और उभरते ग्लोबल सप्लाई चैन से मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर लगातार गति पकड़ रहा है. साथ ही, सामान्य मानसून से ग्रामीण आय और उपभोग को एक स्थिर आधार मिलने और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है.

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CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने शनिवार को कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% की रियल जीडीपी ग्रोथ एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और हम सुधारों और विवेकपूर्ण आर्थिक प्रबंधन के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक सराहना करते हैं. ये परिणाम ऐसे समय में, जब वैश्विक विकास को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है."

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