टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के भविष्य, ग्रोथ को लेकर एक पॉजिटिव विजन साझा किया है. टाउनहॉल मीटिंग के समय चंद्रशेखरन ने साफतौर पर कहा कि टाटा ग्रुप एयर इंडिया के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और इसे दुनिया की बेस्ट एयरलाइन बनाने का सफर अभी सिर्फ शुरू हुआ है.
4 साल में बदली एयर इंडिया की तस्वीर
उन्होंने पिछले चार सालों में हुए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि एयरलाइन में बुनियादी स्तर पर सुधार हुए हैं. एयर इंडिया की ग्रोथ के लिए करीब 17 हजार नए कर्मचारियों की भर्ती की गई है, जिससे टीम को नई सोच मिली है. इतना ही नहीं, टाटा समूह ने प्लानिंग के साथ चार एयरलाइनों को मिलाकर दो बनाया गया है. पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है. नए विमान जोड़े जा रहे हैं और पुराने विमानों की मरम्मत/अपग्रेड चल रही है.
सुरक्षा पर बड़ा फोकस
चंद्रशेखरन ने कहा कि पुराने और धीमे सिस्टम को पूरी तरह से मॉर्डन बनाया जा रहा है. लगातार नए विमान जोड़े जा रहे हैं. टाटा समूह के लिए सेफ्टी सबसे पहले है. सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि यही एक विश्व-स्तरीय एयरलाइन की पहचान होती है.
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यात्री अनुभव और समान सम्मान का मंत्र
चेयरमैन ने आगे कहा कि, "चाहे यात्री आगे की सीट पर बैठा हो या पीछे की, हर किसी को समान सम्मान मिलना चाहिए." उन्होंने कहा कि उड़ानों का नेटवर्क बढ़ रहा है और सेवाओं में सुधार की वजह से यात्रियों का अनुभव पहले से कहीं बेहतर हुआ है. टाटा का मकसद भारत को दुनिया के हर कोने से जोड़ना है.
कर्मचारियों के लिए संदेश
एविएशन सेक्टर में चुनौतियों पर बात करते हुए चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों को सलाह दी कि वो केवल अपने काम पर फोकस करें. खर्चों पर नियंत्रण और बेहतर कामकाज जरूरी है. आलोचना से घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आलोचना सही है, तो उससे सीखें और सुधार करें.
सफर अभी बाकी है
उन्होंने टीमवर्क पर जोर देते हुए कहा कि एयर इंडिया को वर्ल्ड-क्लास बनाने की यात्रा अभी शुरू हुई है और आगे एक लंबा रास्ता तय करना है. उन्होंने टीम को एकजुट होकर ग्राहक सर्विस पर ध्यान देने पर जोर दिया.














