Share Market: बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 640 अंक चढ़ा, निफ्टी 24250 के पार

मिडिल ईस्‍ट में चल रहे युद्ध के खत्‍म होने की उम्‍मीद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बयान के बाद जगी. अमेरिकी मीडिया को ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के करीब है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Share Market बढ़त के साथ बंद हुए

मिडिल ईस्‍ट में चल रहे युद्ध के खत्‍म होने की उम्‍मीद पर तेजी के साथ खुले भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को तेजी के साथ ही बंद हुए. दोपहर 3:30 बजे तक BSE सेंसक्स करीब639.82 अंक उछलकर 78,205 के पार बंद हुआ. वहीं NSE निफ्टी 233.55 अंक की बढ़त के साथ 24,261.60 के लेवल पर बंद हुआ. दिनभर लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी दिखी. एक समय तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 721 अंक या 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 274 अंक या 1.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,406 पर ट्रेड कर रहा था. 

युद्ध खत्‍म होने की उम्‍मीद कैसे जगी?  

मिडिल ईस्‍ट में चल रहे युद्ध के खत्‍म होने की उम्‍मीद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बयान के बाद जगी. अमेरिकी मीडिया को ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के करीब है. इससे कच्चे तेल में नरमी देखने को मिली. हालांकि बाद में ईरान ने कहा कि युद्ध खत्‍म होना या न होना, अमेरिका नहीं तय कर सकता. 

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद, ब्रेंट क्रूड 6 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है, जो कि सोमवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. भारतीय शेयर बाजार में तेजी की वजह कच्चे तेल की कीमत में गिरावट को माना जा रहा है. 

किस सेक्टर का कैसा प्रदर्शन? 

ऑटो सेक्टर (Nifty Auto) आज सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा. इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी अच्छी बढ़त रही.

मिडकैप और स्मॉलकैप की बात करें तो छोटे और मझोले शेयरों में मुख्य इंडेक्स से भी ज्यादा तेजी रही. मिडकैप इंडेक्स 1.62% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.12% चढ़ा.

वहीं दूसरी ओर आईटी (IT) सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. वहीं, ऑयल एंड गैस सेक्टर भी सुस्त रहा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

तकनीकी जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक मजबूत 'सपोर्ट जोन' (सहारा) बना हुआ है. वहीं, ऊपर की ओर 24,300 पर रुकावट है. अगर बाजार इसके पार निकलता है, तो यह 24,600 तक जा सकता है.

Advertisement

विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध टलने की उम्मीदों ने निवेशकों को राहत दी है. अब बाजार की नजर ईरान संघर्ष और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर टिकी रहेगी. युद्ध खत्म होने के संकेतों से जोखिम कम हुआ है, जिससे बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है. 

ये भी पढ़ें: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध, लेकिन जीत रहा रूस?

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान के नए Supreme Leader Mojtaba Khamenei घायल, इजरायल का दावा | BREAKING News