- संजीव गोयनका ने कहा कि ईरान युद्ध का भारत पर प्रभाव सीमित और अल्पकालिक रहने की संभावना है.
- गोयनका ने कहा कि भारतीय बाजार में लोगों का विश्वास इतना है कि यह बाउंस बैक करेगा.
- साथ ही उन्होंने कहा कि यह भावना जगाने की जरूरत है कि बंगाल वापसी करने में सक्षम है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध को लेकर दुनिया चिंतित है. हालांकि भारत पर इसका प्रभाव सीमित और बेहद कम वक्त के लिए रहने की संभावना है. यह कहना है जाने-माने उद्योगपति और आर्थिक मामलों के जानकार संजीव गोयनका का. NDTV के एडिटर इन चीफ और सीईओ राहुल कंवल के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में गोयनका ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और भारत पर इसके प्रभाव को लेकर साफ तौर पर कहा कि इसका प्रभाव लॉन्ग टर्म में देखने को नहीं मिलेगा. साथ ही बंगाल को लेकर भी गोयनका ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हम खुद में यह विश्वास रखें कि बंगाल फिर से शीर्ष पर पहुंच सकता है.
NDTV पर प्रसारित होने जा रहे 'Walk the Talk' कार्यक्रम में राहुल कंवल ने संजीव गोयनका से ईरान युद्ध के भारत पर असर को लेकर सवाल पूछा. इस पर गोयनका ने कहा कि युद्ध का परिणाम लॉन्ग टर्म में देखने को नहीं मिलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध के प्रभाव का पूर्वानुमान लगाना कठिन है. हालांकि कंपनी की परफोर्मेंस जैसी चीजों पर इसका शॉर्ट टर्म में प्रभाव पड़ेगा.
भारतीय बाजार में विश्वास: गोयनका
गोयनका ने कहा कि भारत में, भारतीय उपभोक्ताओं में, भारतीय बाजार में और भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में लोगों का विश्वास इतना ज्यादा है कि यह बाउंस बैक करेगा. उन्होंने कहा कि हमारे कुछ बिजनेस फ्यूल पर आधारित हैं. कीमतें प्रभावित हुई हैं. इसलिए उन पर असर पड़ा है. हालांकि अन्य ज्यादातर बिजनेस पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है.
उन्होंने उदाहण देते हुए बताया कि पावर डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, बीपीओ, म्यूजिक जैसे बिजनेस पर कोई असर नहीं है. साथ ही कहा कि इन परिस्थितियों में डायवर्सिफाइड पोर्टफोलिया वास्तव में फायदेमंद साबित हो सकता है.
युद्ध की अनिश्चितताओं के बीच कई योजनाओं को टालने या आगे बढ़ने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं. देश के विभिन्न इलाकों में 72 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अंडर इंप्लीमेंटेशन हैं.
टॉप पर जाने का विश्वास हो: गोयनका
इसके साथ ही गोयनका ने बताया कि कोलकाता, बेंगलुरु और मुंबई कैसे बन सकता है और कैसे हम टॉप पर जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें यह विश्वास होना चाहिए कि हम फिर से टॉप पर जा सकते हैं. साथ ही कहा कि यह भावना जगाने की जरूरत है कि बंगाल वापसी करने में सक्षम है.














