ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ के फेमस पॉडकास्ट 'पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ' (People by WTF) में नजर आए. करीब तीन घंटे के इस लंबे एपिसोड में सुनक ने राजनीति, व्यक्तिगत जीवन और सत्ता से हटने के बाद के अनुभवों पर ऐसी बातें साझा कीं जो शायद ही पहले कभी सुनी गई हों.
सुनक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहमियत पर अपनी राय रखी. हालांकि संभावनाओं पर बात करते हुए उन्होंने मजाक में ये भी कहा कि एआई फिलहाल दिल्ली के ट्रैफिक को ठीक नहीं कर सकता.
'मेरे फ्यूचर के लिए कोई स्क्रिप्ट तैयार नहीं'
ऋषि सुनक ने चुनाव में हार और प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद के समय को एक साइकोलॉजिकल रीसेट बताया. उनके अनुसार अब वो एक ऐसे भविष्य का सामना कर रहे हैं जिसके लिए कोई स्क्रिप्ट तैयार नहीं है. सुनक ने बताया, ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि अगली चीज क्या होगी. जब आप इस तरह के बड़े पद से हटते हैं, तो आपको खुद को फिर से खोजने की जरूरत होती है."
असफलता से सीख और आगे बढ़ना
पॉडकास्ट में सुनक ने असफलता को देखने के अपने नजरिए पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हार के बाद खुद को पीड़ित महसूस करना या खुद को दोष देते रहना समाधान नहीं है. उनके अनुसार बड़ी बात ये है कि आप अपनी गलतियों से क्या सीखते हैं और बिना किसी कड़वाहट के आगे कैसे बढ़ते हैं. उन्होंने युवा भारतीयों को सलाह दी कि चाहे राजनीति हो या फाइनेंस, असफलता से डरने के बजाय उसे सीखने का एक हिस्सा मानना चाहिए.
वहीं, अक्षता मूर्ति ने अपनी विरासत, सफलता और एक हाई-प्रोफाइल परिवार की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों पर बात की. बातचीत के दौरान कुछ हल्के-फुल्के पल भी आए जब दोनों ने अपने छोटे-मोटे झगड़ों का जिक्र किया. सुनक ने बताया कि कैसे आइसक्रीम के फ्लेवर्स को लेकर भी उनके बीच असहमति हो जाती है.
युवा आएं राजनीति में
कार्यक्रम में सुनक ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी बात की. इसके अलावा सुनक ने भारतीय युवाओं को राजनीति में आने के लिए कहा. उनके अनुसार दुनिया को अब नए विचारों और ऊर्जा की जरूरत है.
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