बाजार में उठापटक, फिर भी निवेशकों के जोश में कोई कमी नहीं, आंकडों ने साफ कर दी पिक्चर

SIP inflows February 2026: ICRA एनालिटिक्स के अनुसार भारतीय निवेशक अब रिस्क फैक्टर को देखते हुए म्यूचुअल फंड्स को लॉन्ग टर्म के वेल्थ क्रिएशन के लिए एक बेहतर ऑप्शन मान रहे हैं.

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SIP inflows February 2026: जंग के बीच शेयर मार्केट में जारी उठापटक के बाद भी रिटेल निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर अटूट बना हुआ है. सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के लिए बढ़ती दीवानगी का आलम ये है कि फरवरी 2026 में एसआईपी इनफ्लो पिछले साल के इसी पीरियड के मुकाबले करीब 15 फीसदी बढ़ गया.

क्या कहते हैं नंबर्स?

ICRA एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2026 में टोटल एसआईपी निवेश 29,845 करोड़ रुपये का रहा, जो फरवरी 2025 के 25,999 करोड़ की तुलना में 14.79% ज्यादा है. हालांकि जनवरी 2026 में ये 31,002 करोड़ रुपये था. यानि पिछले महीने के मुकाबले इसमें 3.73% की हल्की सी गिरावट आई है

एसआईपी अकाउंट बुलेट की रफ्तार से बढ़

रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड में निवेशक लगातार पैसा बढ़ा रहे हैं. निवेशकों की बात करें तो ये पिछले साल के 8.26 करोड़ से बढ़कर 9.44 करोड़ हो गए हैं. वहीं टोटल रजिस्टर्ड एसआईपी अकाउंट अब 10.45 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुके हैं.

इक्विटी फंड्स का जलवा

बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद भी इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया. फरवरी महीने में इक्विटी फंड्स में 25,978 करोड़ का नेट इनफ्लो आया है. कैटेगरी की बात करें तो पहले नंबर पर फ्लेक्सी-कैप फंड्स, इसके बाद मिड-कैप फंड्स और स्मॉल-कैप फंड्स का नंबर आता है.

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  • फ्लेक्सी-कैप फंड्स: 6,924.65 
  • मिड-कैप फंड्स: ₹4,003
  • स्मॉल-कैप फंड्स: ₹3,881

एसआईपी क्यों बन रही निवेशकों की पसंद?

ICRA एनालिटिक्स के अनुसार भारतीय निवेशक अब रिस्क फैक्टर को देखते हुए म्यूचुअल फंड्स को लॉन्ग टर्म के वेल्थ क्रिएशन के लिए एक बेहतर ऑप्शन मान रहे हैं. बाजार में उठापटक के दौरान भी एसआईपी की इस धूम से पता चलता है कि निवेशक अब मैच्योर हो चुके हैं और वो बाय ऑन डिप की प्लानिंग पर काम कर रहे हैं.

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