Religare Enterprises: बीमा और फाइनेंस कारोबार अलग-अलग करेगी बर्मन फैमिली, शेयरहोल्‍डर्स को क्‍या फायदे होंगे?

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने कारोबार को बीमा और फाइनेंस में बांटने का फैसला किया है. नई कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड बनाई जाएगी. आपके पास हैं शेयर तो आपको फायदा होने वाला है.

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Religare Enterprises Demerger: बर्मन फैमिली का बड़ा फैसला

बर्मन परिवार के मालिकाना हक वाली कंपनी 'रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (REL) ने अपने कारोबार को दो हिस्सों में बांटने (Demerger) का फैसला किया है. फैसले के मुताबिक, रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड' (RFL) नाम से एक नई कंपनी बनाई जाएगी. इस कदम का मकसद कंपनी के अलग-अलग बिजनेस को ज्यादा फोकस के साथ आगे बढ़ाना और निवेशकों की कमाई बढ़ाना है. 

कैसे होगा कारोबार का बंटवारा?

  1. बीमा कारोबार: रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (REL) मुख्य रूप से हेल्थ इंश्योरेंस (Care Health Insurance) पर ध्यान देगी.
  2. फाइनेंस कारोबार: लोन, ब्रोकिंग और निवेश से जुड़े बाकी कामों को 'रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड' (RFL) नाम की नई कंपनी में शिफ्ट कर दिया जाएगा.

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

बंटवारे के बाद 'रेलिगेयर फिनवेस्ट' (RFL) को शेयर बाजार (BSE और NSE) में अलग से लिस्ट कराया जाएगा. रेलिगेयर के शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में नए शेयर मिलेंगे. यानी, आपके पास रेलिगेयर का एक शेयर है, तो आपको नई कंपनी का भी एक शेयर मुफ्त मिलेगा.

कब तक होगा काम?

कंपनी का लक्ष्य है कि साल 2027-28 की पहली तिमाही तक नई कंपनी को बाजार में लिस्ट कर दिया जाए. कंपनी ने साफ किया है कि इस बदलाव से ग्राहकों या कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह पूरा फैसला अभी शेयरधारकों और कोर्ट (NCLT) की मंजूरी के अधीन है.

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क्‍या है डी-मर्जर का उद्देश्‍य? 

कंपनी ने कहा कि इस री-स्‍ट्रक्‍चर का उद्देश्य दो स्वतंत्र इकाइयां बनाकर परिचालन को सुव्यवस्थित करना है, जिससे प्रत्येक व्यवसाय अपने क्षेत्र के अनुसार विकास की रणनीतियों पर काम कर सके. इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास दायर किया जाएगा और यह शेयरधारकों, लेनदारों तथा नियामक प्राधिकरणों की मंजूरी के अधीन है.

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समूह का लक्ष्य इस प्रक्रिया को पूरा कर वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही तक आरएफएल को सूचीबद्ध करना है. कंपनी ने आश्वासन दिया है कि इस बदलाव के दौरान व्यवसाय संचालन, कर्मचारियों या ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

डी-मर्जर पर कंपनी के CFO ने क्‍या कहा? 

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) प्रतुल गुप्ता ने कहा, 'इस लेनदेन से निवेशकों का आधार व्यापक होने, जटिलता कम होने और दो अच्छी तरह से पूंजीकृत मंच तैयार होने की उम्मीद है, जो स्वतंत्र रूप से अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार होंगे.'

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उन्होंने कहा कि इस बदलाव से दोनों इकाइयां अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरेंगी. साथ ही, दोनों के पास भविष्य में विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे और वे अपनी विशिष्ट व्यावसायिक रणनीतियों पर पूरी एकाग्रता के साथ ध्यान केंद्रित कर सकेंगी.

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