RBI ने नहीं बेचा सोना! विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए गोल्‍ड बेचे जाने की खबर के बाद सरकार ने बताई सच्‍चाई 

केंद्र सरकार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि केंद्रीय बैंक RBI ने फॉरेक्‍स रिजर्व बचाने के लिए बड़ी मात्रा में गोल्‍ड बेचा है. ब्‍लूमबर्ग ने ये रिपोर्ट पब्लिश की थी, आखिर इसका आधार क्‍या था, ये भी जान लीजिए, इसी खबर में.

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RBI Gold Reserve: केंद्रीय बैंक ने नहीं बेचा है बड़ी मात्रा में सोना, ये रही पूरी सच्‍चाई
Source: NDTV Graphics/Canva

RBI Gold Sold Report is False: क्‍या केंद्रीय बैंक RBI ने फॉरेक्‍स रिजर्व यानी विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपने गोल्‍ड रिजर्व का एक हिस्‍सा बेच दिया है? ब्‍लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में ऐसा अंदेशा जताया था और ये खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. अब केंद्र सरकार ने गोल्‍ड रिजर्व पर तस्‍वीर साफ की है. सरकारी सूचना एजेंसी PIB के फैक्‍ट चेक विंग के मुताबिक, सरकार ने इस खबर का खंडन किया है. PIB के अनुसार, सरकार ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया है कि देश के फॉरेन एक्सचेंज एसेट्स को बचाए रखने के लिए RBI ने गोल्ड रिजर्व का एक हिस्‍सा बेचा है.

सरकार की ओर से गोल्‍ड रिजर्व को लेकर सही स्थिति की जानकारी, ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट पब्लिश होने के एक दिन बाद आई है. ब्‍लूमबर्ग ने रिपोर्ट में, RBI की ओर से गोल्‍ड रिजर्व का एक हिस्सा बेच दिए जाने का अनुमान जताया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि केंद्रीय बैंक ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच विदेशी करेंसी रिजर्व गिरने से बचाने के लिए सोना बेचा है.

फॉरेक्‍स रिजर्व में सोना कम नहीं हुआ, बढ़ा है 

केंद्र सरकार ने ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि फॉरेक्‍स रिजर्व में गोल्‍ड शेयर कम नहीं हुआ, बल्कि बढ़ा ही है. बताया गया कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी वास्तव में 'सितंबर 2025 के अंत में 13.92 फीसदी से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 16.70 फीसदी हो गई है और 22 मई 2026 तक यह बढ़कर 16.85 फीसदी हो गई है. RBI ने एक बयान जारी कर कहा है कि केंद्रीय बैंक का स्‍वर्ण भंडार अपरिवर्तित है. 

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RBI ने प्रेस रिलीज जारी कर स्‍पष्‍ट किया है कि गोल्‍ड भंडार कम नहीं हुआ है.

PIB फैक्‍ट चेक की पोस्‍ट में आगे कहा गया है कि RBI अपने मासिक बुलेटिन में सोने के भंडार का भी खुलासा करता है. प्रामाणिक जानकारी के लिए, हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी गई है.  

सोना बेचने के अनुमान के पीछे क्‍या था आधार? 

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बावजूद RBI के बुलियन रिजर्व की वैल्यू में कमी आई, जबकि केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी. ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स में सीनियर इडिया इकोनॉमिस्ट अभिषेक गुप्ता ने इसी आधार पर एक एसेसमेंट किया था. उन्‍होंने कहा था, 'वैल्यू में इस फर्क से ऐसा लगता है कि RBI ने इस पीरियड में सोना बेचा होगा.'

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रिपोर्ट के मुताबिक, मई में दो हफ्तों में RBI के 12 बिलियन डॉलर मूल्य के सोना बेचने का अनुमान जताया गया था और कहा गया था कि इस दौरान RBI ने करीब 7.5 बिलियन डॉलर के फॉरेन करेंसी एसेट्स खरीदे हैं. 

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